चंडीगढ़ प्रशासक कटारिया अचानक पहुंचे बुड़ैल जेल:कैदियों का खाना चखा, व्यवस्थाओं का लिया जायजा, ITI कोर्स देखे, महिला बंदियों से बात की
- Admin Admin
- Jan 06, 2026
चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल में मंगलवार को चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया पहुंचे। उन्होंने जेल में कैदियों को मिल रही सुविधाओं, कल्याणकारी योजनाओं, कौशल विकास कार्यक्रमों और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार से जायजा लिया। इस दौरान उनके साथ चंडीगढ़ प्रशासन के मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। चंडीगढ़ प्रशासक ने सबसे पहले जेल की रसोई का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां तैयार हो रहे खाने की गुणवत्ता और पोषण स्तर की जांच की और खुद जेल का खाना चखकर देखा। इसके साथ ही उन्होंने आधुनिक रसोई उपकरणों का जायजा लिया और रसोई स्टाफ से बातचीत कर बेहतर व्यवस्था को लेकर सुझाव भी दिए। मिठाई सेक्शन और मजदूरी व्यवस्था की समीक्षा प्रशासक ने जेल के मिठाई सेक्शन में कैदियों द्वारा तैयार की जा रही मिठाइयों की गुणवत्ता भी जांची। अधिकारियों ने बताया कि मिठाइयों को सुरक्षित रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही काम में लगे कैदियों को प्रतिदिन मजदूरी दिए जाने की जानकारी भी प्रशासक को दी गई। बुड़ैल जेल के अंदर चल रहे ITI कोर्स देखे उन्होंने बुड़ैल जेल के अंदर चल रहे जीवन धारा आईटीआई में कैदियों को दिए जा रहे काम सिखाने वाले प्रशिक्षण कोर्स का भी निरीक्षण किया गया। यहां दसवीं पास कैदियों को तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशासक ने प्रशिक्षकों और कैदियों से बात कर उनकी पढ़ाई और काम की जानकारी ली और जिन कैदियों को पहले से काम का अनुभव था, उन्हें अपने हुनर को और बेहतर करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अधिकारियों को सुझाव दिया कि चंडीगढ़ प्रशासन के विभागों से तालमेल कर कैदियों को मरम्मत और रखरखाव से जुड़े काम दिए जाएं। फिलहाल आईटीआई में वुडवर्क टेक्नीशियन और सिलाई तकनीक के कोर्स चल रहे हैं। महिला बुड़ैल जेल में भी गुलाब चंद कटारिया ने रसोई और भोजन व्यवस्था का जायजा लिया। इसके साथ ही लाइब्रेरी-कम-रीडिंग रूम और आईटीआई से जुड़ी गतिविधियों का निरीक्षण किया गया। महिला कैदियों से बातचीत के दौरान उन्होंने उनकी समस्याएं सुनीं और लंबे समय से जेल में बंद उन विचाराधीन कैदियों को लेकर चिंता जताई, जिनके पास जमानत के लिए पारिवारिक या सामाजिक सहयोग नहीं है। डिस्पेंसरी, इलाज और संगीत गतिविधियों का निरीक्षण जेल की डिस्पेंसरी में डॉक्टरों ने चिकित्सा सुविधाओं, दवा प्रबंधन और मरीजों के रिकॉर्ड के बारे में जानकारी दी। बताया गया कि डॉक्टर नियमित रूप से जेल आते हैं और जरूरत पड़ने पर कैदियों को चंडीगढ़ प्रशासन के अस्पतालों में रेफर किया जाता है। सांस्कृतिक और पुनर्वास गतिविधियों के तहत प्रशासक ने संगीत प्रशिक्षक से बातचीत की। उन्हें बताया गया कि कई विचाराधीन कैदी संगीत सीखने में रुचि दिखा रहे हैं। प्रशासक ने महिला कैदियों के लिए भी ऐसी गतिविधियों को बढ़ाने पर जोर दिया। इसके अलावा उन्होंने जेल के सेंट्रलाइज्ड रेडियो स्टेशन और पब्लिक एड्रेस सिस्टम का भी निरीक्षण किया, जहां पूरे दिन जेल परिसर में ओम मंत्र का प्रसारण किया जाता है। लंबे समय से बंद विचाराधीन कैदियों पर फोकस चंडीगढ़ प्रशासक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबे समय से जेल में बंद विचाराधीन कैदियों के मामलों पर विशेष ध्यान दिया जाए और जहां जरूरत हो, कानूनी प्रक्रिया में सहयोग सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्होंने जेल परिसर के अंदर सड़कों की मरम्मत पर भी जोर दिया, ताकि बुनियादी ढांचे और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके।



