नॉर्दर्न रेलवे के लोको पायलटों के हक में फैसला:चंडीगढ़ कैट ने कम वेतन का आदेश किया रद्द,14,790 रुपए पर बहाली के निर्देश

सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (कैट) की चंडीगढ़ बेंच ने नॉर्दर्न रेलवे के लोको पायलटों के पक्ष में कैट ने 6 फरवरी 2024 को जारी उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसके तहत रनिंग स्टाफ का वेतन 14,790 रुपए से घटाकर 13,500 रुपए कर दिया गया था। ट्रिब्यूनल ने रेलवे को आदेश दिया है कि आवेदकों का वेतन फिर से 14,790 रुपए तय किया जाए और इसके साथ जुड़े सभी लाभ भी उन्हें दिए जाएं। जानिए क्या था पूरा मामला आवेदक नॉर्दर्न रेलवे में लोको पायलट के पद पर काम करने वाले रनिंग स्टाफ हैं। रेलवे बोर्ड के नियमों के अनुसार, रनिंग स्टाफ के मूल वेतन का 30 प्रतिशत हिस्सा ‘पे एलिमेंट’ माना जाता है। छठे वेतन आयोग लागू होने के बाद रेलवे बोर्ड ने रनिंग स्टाफ के लिए अलग से वेतन तय करने की तालिका जारी की थी। इस तालिका के मुताबिक, ग्रेड पे 4200 पर रनिंग स्टाफ का वेतन 14,790 रुपए तय किया गया था। रेलवे ने 5 अप्रैल 2021 के आदेश के जरिए आवेदकों का वेतन 14,790 रुपए पर फिक्स किया था। इसके बावजूद 6 फरवरी 2024 को जारी आदेश में इसे गलत बताते हुए वेतन 13,500 रुपए करने के निर्देश दे दिए गए। पायलट आते है रनिंग स्टाफ की श्रेणी में कैट ने कहा कि लोको पायलट रनिंग स्टाफ की श्रेणी में आते हैं और उनके लिए अलग नियम और फिट मेंट टेबल लागू होती है। रेलवे बोर्ड का 12 सितंबर 2008 का फिट मेंट टेबल और 28 अगस्त 2018 का स्पष्टीकरण स्पष्ट करता है कि रनिंग स्टाफ के लिए 14,790 रुपए की वेतन-फिक्सेशन सही है। ट्रिब्यूनल ने यह भी साफ कहा कि 6 फरवरी 2024 का आदेश गलत तरीके से जारी किया गया। यह आदेश देते समय ना तो कोई वजह बताई गई और ना ही आवेदकों को अपनी बात रखने का मौका दिया गया। ट्रिब्यूनल के मुताबिक यह प्राकृतिक न्याय के नियमों के खिलाफ है। आदेश को नॉन-स्पीकिंग बताया गया, यानी उसमें यह साफ नहीं किया गया कि 2021 में जो वेतन तय किया गया था, वह कैसे गलत था।