चंडीगढ़ में पहली बार साइबर ठगी में 3 महिलाएं गिरफ्तार:बोलीं– अमेरिकन एक्सप्रेस क्रेडिट कार्ड विभाग की कर्मचारी, फर्जी क्रेडिट कार्ड अपग्रेड के नाम पर धोखाधड़ी

चंडीगढ़ में क्रेडिट कार्ड अपग्रेड और लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर लाखों रुपए की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। इस मामले में साइबर सेल ने साइबर फ्रॉड रैकेट से जुड़ी तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है। आरोपी महिलाओं पर खुद को अमेरिकन एक्सप्रेस क्रेडिट कार्ड विभाग का प्रतिनिधि बताकर लोगों को ठगने का आरोप है। आरोपियों की पहचान दिल्ली की रहने वाली प्रतिमा शर्मा (दिल्ली-18), रोशनी (दिल्ली-59) और जूही सेठी (दिल्ली-27) के रूप में हुई है। मामले में साइबर सेल पुलिस स्टेशन सेक्टर-17 में भारतीय न्याय संहिता की धाराएं 419, 318(4), 336(3), 338, 340(2) और 61(2) के तहत केस दर्ज किया गया है। बताया अमेरिकन एक्सप्रेस क्रेडिट कार्ड विभाग की कर्मचारी पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता सेक्टर-45, चंडीगढ़ का रहने वाला है। उसने बताया कि उसे वॉट्सऐप और सामान्य कॉल के जरिए एक महिला का फोन आया, जिसने खुद को अमेरिकन एक्सप्रेस क्रेडिट कार्ड विभाग की कर्मचारी बताया। आरोपी ने एसबीआई क्रेडिट कार्ड को अमेरिकन एक्सप्रेस कार्ड में बदलने और क्रेडिट लिमिट बढ़ाने का झांसा दिया। इसके बाद गूगल फॉर्म के नाम से एक लिंक भेजा गया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने लिंक पर क्लिक किया, उसके मोबाइल फोन तक अनधिकृत पहुंच हो गई और एसबीआई क्रेडिट कार्ड से 1 लाख 73 हजार 463 रुपए की ठगी कर ली गई। दिल्ली से दबोची आरोपी मामले में आरोपियों को पकड़ने के लिए साइबर सेल की इंचार्ज इंस्पेक्टर इरम रिजवी की अगुआई में टीम ने जांच की। जांच के दौरान सीएएफ, सीडीआर एनालिसिस, आईपी एड्रेस ट्रैकिंग और केवाईसी से पता चला कि आरोपी दिल्ली के अशोक नगर और उत्तम नगर इलाकों से इस साइबर ठगी को अंजाम दे रही थीं। वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति के बाद पश्चिमी दिल्ली के तिलक नगर में छापा मारकर तीनों महिलाओं को गिरफ्तार किया गया।ये सामान हुआ बरामद छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामान बरामद किया, जिसमें 28 मोबाइल फोन, 82 सिम कार्ड, 55 एटीएम कार्ड, 2 आधार कार्ड, 2 पैन कार्ड, 8 डोंगल, 27 लैंडलाइन फोन, वायरलेस ट्रांसमीटर, पासबुक, चेकबुक, नोटबुक और अन्य दस्तावेज शामिल हैं। जांच में और आरोपियों के नाम का खुलासा पुलिस के अनुसार, बरामद मोबाइल फोन में ग्राहकों के नाम, पते और मोबाइल नंबरों की लंबी सूची मिली है। इन्हीं जानकारियों का इस्तेमाल कर आरोपी बैंक और क्रेडिट कार्ड अधिकारियों की पहचान बताकर लोगों से ठगी करती थीं। कई मोबाइल फोन ऐसे बैंक खातों से जुड़े पाए गए, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम निकालने में किया गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने साइबर फ्रॉड में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और अपने एक अन्य साथी की भूमिका का भी खुलासा किया है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान, फर्जी दस्तावेजों पर खोले गए बैंक खातों की जांच और ठगी के कुल पीड़ितों की संख्या का पता लगाने में जुटी है।