चंडीगढ़ में बेचा गया घर रखा गिरवी:खरीदार को धमकाकर आत्महत्या के लिए किया मजबूर, एसएसपी के आदेश पर एफआईआर दर्ज

चंडीगढ़ सेक्टर-52 में एक व्यक्ति ने पहले मकान बेच दिया और बाद में उसी मकान को लाखों रुपए में गिरवी रख दिया। गिरवी रखने वाले लोगों ने मकान खरीदने वाले परिवार को लगातार धमकाया, पैसे मांगे और घर के बाहर आकर हंगामा किया। इस प्रताड़ना से परेशान होकर खरीदार ने आत्महत्या कर ली। मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता अनामिका की शिकायत पर पुलिस स्टेशन सेक्टर-36 ने विक्रम सिंह, अजय, रवि, काका, रैया समेत अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 के तहत मामला दर्ज किया है। घटना के बाद महिला ने मामले की शिकायत एसएसपी को दी। एसएसपी के आदेश पर सेक्टर-36 थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है। घर बेचते वक्त लोन की जानकारी नहीं दी अनामिका ने पुलिस को बताया कि उन्होंने 18 जून 2024 को सेक्टर-52 स्थित मकान नंबर 2701 विक्रम सिंह से खरीदा था। विक्रम ने मकान बेचते समय बताया था कि घर उसके नाम है और उस पर कोई कर्ज या लोन नहीं है। विक्रम ने सभी कागजात अनामिका के पति गुरप्रीत के नाम करवा दिए थे। इसके बाद परिवार 27 जून को घर में शिफ्ट हो गया। अनामिका के मुताबिक, उसी दिन विक्रम का भाई बलविंद्र सिंह कुछ लोगों के साथ घर आया और मकान पर ताला लगा दिया। तब पता चला कि विक्रम ने पहले ही इस मकान को कुछ लोगों के पास गिरवी रखकर पैसे ले रखे हैं। धमकी देकर पैसे मांगते रहे आरोपी शिकायत में बताया गया कि इसके बाद अजय, उसके पिता, भाई, काका और कुछ अज्ञात लोग आए दिन घर के बाहर आकर पैसे मांगने लगे। परिवार को डराया-धमकाया गया। सेक्टर-61 चौकी पुलिस से शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अनामिका के अनुसार, 11 अगस्त 2024 को आरोपी घर के बाहर आकर जोर-जोर से शोर मचाने लगे और पैसे मांगते रहे। लगातार मानसिक दबाव और धमकियों के चलते पति डिप्रेशन में चले गए। आखिरकार 24 अगस्त 2024 को उन्होंने आत्महत्या कर ली।