कांग्रेस का मनरेगा बचाओ संघर्ष:कांग्रेस नेताओं को एकजुट करने का प्रयास, 5 दिन में 9 जगहों पर जागरूकता अभियान

केंद्र सरकार के भारतीय जनता पार्टी ने विकसित भारत रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी G-RAM-G कानून के खिलाफ कांग्रेस प्रदेश में जागरूकता अभियान चलाने जा रही है। प्रदेश में वीरवार से पांच दिन 9 जगहों पर कार्यक्रम किए जा रहे हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व की तरफ से बिखर रहे पंजाब संगठन को एकजुट करने के प्रयास तहत एक मंच पर एकत्र करने का भी प्रयास किया है। इन कार्यक्रमों में भूपेश बघेल समेत राष्ट्रीय कांग्रेस के कई बड़े नेता प्रदेश में रहेंगे। कार्यक्रम की जानकारी पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग की तरफ से पोस्टर जारी करके दी गई है। कांग्रेस की तरफ से केंद्र सरकार के खिलाफ प्रभावी प्रोग्राम का ऐलान किया है। पार्टी की ओर से 8 जनवरी से 12 जनवरी 2026 तक पूरे प्रदेश में ‘मनरेगा बचाओ संघर्ष’ के तहत जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान मजदूरों और ग्रामीणों को मनरेगा से हो रहे नुकसान और इसके महत्व के बारे में जागरूक किया जाएगा। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने गरीब और मजदूर वर्ग को स्थायी रोजगार की गारंटी देने के उद्देश्य से मनरेगा योजना लागू की थी। इस योजना के जरिए करोड़ों परिवारों को रोजगार मिला और उनकी थाली तक रोटी पहुंची। लेकिन केंद्र में बैठी भाजपा सरकार लगातार बजट कटौती और भुगतान में देरी के जरिए इस योजना को कमजोर कर रही है, जिससे गरीबों की आजीविका पर सीधा असर पड़ रहा है। 5 दिनों में 9 जगहों पर कार्यक्रम कांग्रेस की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार यह आंदोलन पांच दिनों तक चलेगा, जिसमें अलग-अलग जिलों में सभाएं और जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम का शेड्यूल इस प्रकार है: 8 जनवरी- सुबह 10 बजे: गुरदासपुर, दोपहर 2 बजे: उधमपुर टांडा 9 जनवरी- सुबह 10 बजे: बलाचौर, दोपहर 2 बजे: समराला 10 जनवरी- सुबह 10 बजे: रामपुरा, दोपहर 2 बजे: संगरूर 11 जनवरी- सुबह 10 बजे: भुच्चो मंडी, दोपहर 2 बजे: बरनाला 12 जनवरी- सुबह 10 बजे: गुरु हरसहाय, भूपेश बघेल समेत दिग्गज नेता संभालेंगे मोर्चा इस आंदोलन में कांग्रेस के कई बड़े नेता शामिल होंगे। पंजाब प्रभारी भूपेश सिंह बघेल जनसभाओं को संबोधित करेंगे। उनके साथ पार्टी के राष्ट्रीय सचिव रविंद्र दलवी, सूरज ठाकुर और हीना कांवरे भी मौजूद रहेंगे। पंजाब स्तर पर पार्टी की कमान पीसीसी अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग संभालेंगे। वहीं, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा और चरणजीत सिंह चन्नी भी कार्यक्रमों में भाग लेकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगे। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक मनरेगा को पूरी मजबूती के साथ लागू नहीं किया जाता और मजदूरों को उनका हक नहीं मिलता।