मानेसर जमीन घोटाला:पूर्व सीएम हुड्डा समेत 37 पर धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप तय
- Admin Admin
- Jan 03, 2026
हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा व अन्य आरोपियों को मानेसर लैंड स्कैम घोटाले में शुक्रवार को सीबीआई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। करीब 10 साल पहले दर्ज किए गए मामले में सीबीआई कोर्ट ने हुड्डा और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) के पूर्व शीर्ष अधिकारियों समेत मामले में नामजद कुल 37 आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 409, 420 और 120बी और करप्शन एक्ट की धारा 13(2)13(1)(डी) के तहत आरोप तय किए हैं। कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ ट्रायल शुरू करने के लिए प्रॉसीक्यूशन सीबीआई के गवाहों को नोटिस जारी कर दिया है और मामले में पहली गवाही 2 मार्च को होगी। मामले में दो आरोपी अतुल बंसल और सुरजीत सिंह के खिलाफ कार्यवाही पहले ही रद्द की जा चुकी है, क्योंकि उनकी मौत हो चुकी है। अब ईडी द्वारा दर्ज मामले में भी इन सभी आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का ट्रायल भी शुरू हो जाएगा। सीबीआई कोर्ट में इस मामले में 2 फरवरी, 2018 को चार्जशीट दाखिल होने के बाद से 2 जनवरी, 2026 तक करीब 115 बार सुनवाई हुई है जिसमें अब जाकर गवाही की कार्रवाई शुरू होगी। 27 अगस्त 2004 में इनेलो सरकार ने हरियाणा के गुरुग्राम स्थित मानेसर, लखनौला और नौरंगपुर की 912 एकड़ जमीन पर इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) बनाने के लिए सेक्शन-4 के तहत नोटिफिकेशन जारी की। लेकिन इसके बाद कांग्रेस सत्ता में आ गई और भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मुख्यमंत्री बनने के बाद आईएमटी रद्द कर 25 अगस्त 2005 में सार्वजनिक कामों के लिए जमीन अधिग्रहण के लिए सेक्शन-6 का नोटिस जारी करवा दिया। इसके लिए किसानों की अधिग्रहण की जाने वाली जमीन का मुआवजा 25 लाख रुपए एकड़ तय हुआ। {शेष पेज 11 पर 1600 करोड़ की 400 एकड़ जमीन बिल्डरों ने 100 करोड़ में ही खरीद ली, भाजपा सरकार आने के बाद हुई कई एफआईआर वर्ष 2014 में हरियाणा में भाजपा की सरकार बन गई और पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा समेत उस समय हुडा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा निजी बिल्डरों के खिलाफ सीबीआई ने 17 सितंबर, 2015 को धोखाधड़ी व करप्शन एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की। करीब 1 साल बाद ही हुड्डा समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ चंडीगढ़ ईडी ने भी मनी लॉन्ड्रिंग समेत अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया। करीब 3 साल की लंबी जांच के बाद 1 दिसंबर, 2018 को सीबीआई ने पंचकूला स्पेशल सीबीआई कोर्ट में सभी आरोपियों के खिलाफ करीब 80 हजार पेज की चार्जशीट दाखिल की। चार्जशीट में जांच रिपोर्ट के अनुसार सामने आया कि सीएम के पद पर रहते हुए हुड्डा ने किसानों की महंगे दामों की जमीनों को मिट्टी के भाव बिल्कुल सस्ते दामों पर निजी बिल्डरों को बिकवाया जिससे उन्हें 1500 करोड़ से अधिक का मुनाफा हुआ। इसके अलावा भी सीबीआई ने अलग-अलग शिकायतों के आधार पर हुड्डा समेत अन्य पर करीब 5 एफआईआर दर्ज की। इसके अलावा सीबीआई समेत ईडी ने भी हुड्डा व अन्य अधिकारियों से कई बार पूछताछ की और इनके ठिकानों पर रेड करके करोड़ों रुपए की संपत्ति को भी जब्त किया। प्रॉसीक्यूशन सीबीआई के गवाहों को नोटिस जारी सीबीआई कोर्ट से हाईकोर्ट में लड़ी लड़ाई, मगर हार गए हुड्डा मामले में सीबीआई कोर्ट में हुड्डा व अन्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल होने के के बाद पूर्व सीएम हाईकोर्ट में पहुंच गए। उन्होंने सीबीआई कोर्ट में दाखिल चार्जशीट के बाद हाईकोर्ट में सीबीआई में ट्रायल केस पर रोक लगाने और दर्ज की गई सारी एफआईआर रद्द करने को लेकर याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने भी हुड्डा की याचिका को मंजूर करते हुए सीबीआई कोर्ट में ट्रायल पर स्टे कर दिया, जब तक भी मामला उनके पास विचाराधीन है। लेकिन उधर, पंचकूला सीबीआई कोर्ट में सुनवाई चलती रही और स्टे होने के कारण तारीख पर तारीख पड़ती रही। हालांकि इस मामले में आरोपी अनिल कुमार बत्रा ने भी कार्यवाही स्थगित करने को लेकर कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी, लेकिन 19 सितंबर, 2025 को सीबीआई कोर्ट ने उस आवेदन को भी खारिज कर दिया था। हालांकि हाईकोर्ट में सीबीआई स्टे हटवाने के लिए केस लड़ती रही और नवंबर महीने में हाईकोर्ट ने भी हुड्डा की याचिका पर लगी स्टे को डिसमिस करते हुए सीबीआई कोर्ट ट्रायल को मंजूरी दे दी। हाईकोर्ट से स्टे हटने के बाद 15 दिसंबर 2025 को भी एक अन्य आरोपी गौरव चौधरी ने भी कोर्ट कार्यवाही स्थगित करने के लिए आवेदन दायर किया था लेकिन उस दिन कोर्ट ने आरोपी पक्ष व सीबीआई की दलीलें सुनने के बाद उसके आवेदन को भी खारिज कर दिया था। क्योंकि सीबीआई ने तर्क दिया था कि हाईकोर्ट से भी इस मामले में लगा स्टे हट चुका है, इसलिए केस की कार्यवाही स्थगित नहीं की जा सकती है। भास्कर ब्रेकिंग इन पर तय हुए आरोप...भूपेंद्र सिंह हुडा, मुरारी लाल तायल, छत्र सिंह, सुदीप सिंह ढिल्लो, जसवंत सिंह, अतुल बंसल, मै. अदितीय बिल्डवेल प्रा. लि., मै. जस्सुम एस्टेट, मैं. जस्सुम इंफ्रास्ट्रक्चर, बीटा प्रोमोटर्स, दिव्या ज्योति एंटरप्राइजिस, एनसीआर प्रॉपर्ट्रीज, इंडो एशियन कंस्ट्रक्शन कंपनी, दुगमैन इंजीनियर्स, माउंट वैली एस्टेट एंटरप्राइजिस, ग्लैक्सी क्लोनाइजर्स, मिराज ओवरसीज, यार्क्स होटल्स, शील्ड बिल्डकॉन, प्रोग्रेसिव बिल्डटेक, इकोटेक बिल्डकॉन, अनिल कुमार बत्रा, नवीन राव, रमेश चंद्रा, गिरनर इंफ्रास्ट्रक्चर, गौरव चौधरी, मेट्रोपोलिस इंफ्रास्ट्रक्चर, फ्लेयर रीयलटर्स, एर्ल इंफोटेक, गुरु नानक इंफ्रास्ट्रक्चर डेवेलपर्स, एंजलक्यू इंटरनेशनल, कॉनवेय डेवेलपर्स, विरेंद्र कुमार जैन, कुलवंत सिंह, सुरजीत सिंह और धरे सिंह पर आरोप तय हुए है।



