जांच के लिए सीएमओ को नहीं मिला मंत्री का पत्र, सही आंकड़ों समेत रिपोर्ट भी पेंडिंग
- Admin Admin
- Jan 02, 2026
चंडीगढ़ | हरियाणा के श्रम विभाग में वर्क स्लिप व श्रमिकों के पंजीकरण घोटाले को कन्ट्रोवर्सी हो गई है। सीएम नायब सिंह सैनी ने वर्क स्लिप सत्यापन और श्रमिकों के पंजीकरण से जुड़ी अनियमितताओं को लेकर एक्शन लिया है। उनके आदेशानुसार मामले की गहन जांच के लिए उच्चस्तरीय जांच समिति बनाई है, जो एक माह के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। कमेटी अध्यक्ष आईएएस पंकज अग्रवाल को बनाया गया है। आईएएस राजीव रतन और आईपीएस पंकज नैन कमेटी के सदस्य होंगे। कमेटी गठन को लेकर जारी सरकारी प्रेस नोट में श्रम मंत्री अनिल विज के बयान का खंडन किया गया है। सरकारी प्रेस नोट में यह लिखा गया प्रेस नोट में कहा गया है कि मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि श्रम मंत्री ने सीएम को पत्र लिखकर मामले की जानकारी दी थी, परंतु मुख्यमंत्री कार्यालय में ऐसा कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ था। विभाग द्वारा इस विषय पर एक फाइल प्रस्तुत की गई थी, जिसमें सीएम को सूचित किया गया कि विभाग ने मामले की जांच के लिए समिति गठित की है। 13 जिलों की रिपोर्ट तैयार है, शेष नौ जिलों की रिपोर्ट लंबित हैं। इसलिए विभाग ने सूचित किया कि शेष जिलों की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद पूर्ण रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। इस पर सीएम ने मंत्री से सही आंकड़ों समेत व वित्तीय हानि से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा, वह अभी तक लंबित है। आरोप लगाया गया है कि जिन कार्यों पर उन्होंने श्रम किया था, वे सही नहीं हैं, इसलिए उनका भवन निर्माण श्रमिक के रूप में दर्ज होना संदिग्ध प्रतीत होता है।



