कैथल: राइस मिलाें के प्रदूषण पर मानव अधिकार आयोग सख्त,कार्रवाई के निर्देश

कैथल, 02 जनवरी (हि.स.)। हरियाणा मानव अधिकार आयोग ने जिला कैथल के गुहला–चीका क्षेत्र में संचालित राइस मिलों से फैल रहे वायु व जल प्रदूषण को गंभीरता से लेते हुए कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण में जीवन जीना नागरिकों का मौलिक मानव अधिकार है और इससे किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं किया जा सकता।

आयोग के अध्यक्ष जस्टिस ललित बत्रा तथा सदस्य कुलदीप जैन और दीप भाटिया से गठित पूर्ण आयोग के समक्ष आई शिकायत की सुनवाई के दौरान हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) के कैथल क्षेत्र द्वारा प्रस्तुत स्थिति रिपोर्ट का गहन परीक्षण किया गया।

जांच में यह तथ्य सामने आया कि पटियाला रोड, सदरहेड़ी, चीका स्थित राधा कृष्ण राइस एवं जनरल मिल्स (आरके राइस एवं जनरल मिल्स) द्वारा घरेलू अपशिष्ट जल का खुले गड्ढे में निर्वहन किया जा रहा था। इस गंभीर उल्लंघन के चलते इस इकाई को बंद करने की संस्तुति एचएसपीसीबी मुख्यालय, पंचकूला को भेजी गई थी।

हालांकि, आयोग ने यह भी पाया कि अभिलेखों में इस संस्तुति पर कोई अंतिम निर्णय दर्ज नहीं है। आयोग ने टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल संस्तुति भेज देना, बिना समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई के, पर्यावरण संरक्षण तथा प्रभावित नागरिकों के मानव अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य को विफल करता है।

इसे गंभीर चूक मानते हुए जस्टिस ललित बत्रा की अध्यक्षता वाले आयोग ने अध्यक्ष, एचएसपीसीबी, पंचकूला को निर्देश दिए हैं कि वे उक्त इकाई के संबंध में बंद करने की संस्तुति पर विधि अनुसार शीघ्र अंतिम निर्णय लें और यह सुनिश्चित करें कि अंतिम निर्णय होने तक संबंधित इकाई किसी भी प्रकार की प्रदूषणकारी गतिविधि न करे।

वायु प्रदूषण की निगरानी प्रणाली पर भी आयोग ने कड़ी नाराजगी जताई।

आयोग ने कहा कि यदि वायु गुणवत्ता के नमूने उस समय लिए जाते हैं, जब इकाइयाँ संचालित ही नहीं होतीं, तो वास्तविक प्रदूषण स्तर का सही आकलन संभव नहीं है। इस खामी को दूर करने के लिए क्षेत्रीय अधिकारी, एचएसपीसीबी को निर्देश दिए गए हैं कि राइस मिलाें के वायु उत्सर्जन के नमूने अनिवार्य रूप से रात्रिकालीन समय में, जब इकाइयाँ पूरी क्षमता से चल रही हों, तभी लिए जाएँ। इसके लिए बिना पूर्व सूचना दिए रात के समय आकस्मिक और यादृच्छिक निरीक्षण किए जाएंगे।

पूर्ण आयोग ने राइस मिलाें से होने वाले प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कई महत्वपूर्ण सिफारिशें और निर्देश भी जारी किए हैं। आयोग ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए सिफारिश की है कि राइस मिलों के लिए निर्धारित साइटिंग मानदंड हरियाणा राज्य में सख्ती से अपनाए जाएँ।

इस संबंध में आयोग के असिस्टेंट रजिस्ट्रार डॉ. पुनीत अरोड़ा ने बताया कि आयोग के आदेश से यह स्पष्ट है कि शिकायत में उठाए गए मुद्दे केवल गुहला–चीका क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं, बल्कि राज्य के अन्य हिस्सों में भी ऐसी ही समस्याएँ हो सकती हैं। इसलिए हरियाणा राज्य के सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्राधिकार में आने वाले सभी राइस मिलों का आकस्मिक निरीक्षण करें। राज्य के सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपनी विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट अगली सुनवाई की तिथि 19 मार्च से एक सप्ताह पूर्व हरियाणा मानव अधिकार आयोग के समक्ष प्रस्तुत करें।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे