पंजाब पुलिस ने सरपंच हत्याकांड में दो शूटरों सहित सात काे किया गिरफ्तार
- Neha Gupta
- Jan 12, 2026

- मास्टरमाइंड गैंगस्टर प्रभ दासूवाल ने पुरानी रंजिश के चलते इस हत्या को अंजाम दिया
चंडीगढ़, 12 जनवरी । सीमावर्ती जिला तरनतारन के वल्टोहा में पूर्व सरपंच झरमल सिंह की हत्या की गुत्थी को सुलझाते हुए अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने प्रभ दासूवाल गैंग के दो शूटरों सहित सात बदमाशों को गिरफ्तार किया है। हत्या का मास्टरमाइंड गैंगस्टर प्रभ दासूवाल है, जिसने पुरानी रंजिश के चलते इस हत्या को अंजाम दिया।
पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (काउंटर इंटेलिजेंस) अमित प्रसाद, पुलिस महानिरीक्षक (मुख्यालय) डॉ. सुखचैन सिंह गिल और पुलिस आयुक्त अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर के साथ सोमवार को संयुक्त पत्रकार वार्ता में बताया कि सुखराज सिंह उर्फ गूंगा (20) निवासी ठक्करपुरा, तरनतारन; करमजीत सिंह (23) निवासी गांव पसनावाल, गुरदासपुर; जोबनप्रीत सिंह (19) निवासी गांव भाई लद्धू, तरनतारन; हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी (27) निवासी गांव बहादर नगर, तरनतारन, जोबनप्रीत सिंह (20), कुलविंदर सिंह उर्फ किंदा (20) और अरमानदीप सिंह (18), तीनों निवासी गांव कलसियां कलां, तरनतारन को गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने बताया कि सुखराज सिंह उर्फ गूंगा का आपराधिक रिकॉर्ड है और उसके विरुद्ध चोरी तथा आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं। साथ ही वह सरपंच राजविंदर सिंह उर्फ राज हत्याकांड में भी शामिल रहा है। डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि जांच से यह सामने आया है कि गैंगस्टर प्रभ दासूवाल की मृतक पूर्व सरपंच के साथ पुरानी दुश्मनी थी और उसने पहले भी उस पर गोलीबारी की थी। उन्होंने कहा कि इस केस को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया गया और हत्या की जांच के लिए कई विशेष टीमों का गठन किया गया था।
डीजीपी ने बताया कि तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस टीमों ने अपराध में शामिल दोनों शूटरों सुखराज सिंह उर्फ गूंगा और करमजीत सिंह की पहचान की गई। उन्होंने कहा कि लगातार अंतर-राज्यीय समन्वय, खुफिया एजेंसियों की अगुवाई वाली ट्रैकिंग तथा केंद्रीय एजेंसियों और छत्तीसगढ़ पुलिस के करीबी सहयोग से दोनों शूटरों को रायपुर (छत्तीसगढ़) से गिरफ्तार किया गया। उन्होंने आगे बताया कि दोनों आरोपित महाराष्ट्र, दिल्ली, बिहार, पंजाब और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में जानबूझकर ठिकाने बदल रहे थे और अपनी पहचान छिपाने तथा पुलिस गिरफ्तारी से बचने के लिए फर्जी आधार कार्डों का इस्तेमाल कर रहे थे।
डीजीपी ने बताया कि एक अन्य पुलिस टीम ने एसएसओसी मोहाली की मदद से दो और आरोपितों (दोनों का नाम जोबनप्रीत सिंह) को मोहाली से गिरफ्तार किया है। हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी को वल्टोहा से गिरफ्तार किया गया, जबकि कुलविंदर सिंह उर्फ किंदा और अरमानदीप सिंह को तरनतारन के भिखीविंड क्षेत्र से पकड़ा गया। जांच में सामने आया है कि इन पांचों आरोपितों ने शूटरों को रसद, पनाह, हथियार और मोटरसाइकिल उपलब्ध कराकर साजिश में अहम भूमिका निभाई थी। डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि जांच से यह भी स्पष्ट हुआ है कि गोली चलाने वाले और लॉजिस्टिक सहायता देने वाले आरोपित एक-दूसरे को नहीं जानते थे और प्रभ दासूवाल के निर्देशों पर स्वतंत्र रूप से काम कर रहे थे।
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