जींद : देश को संगठित करने के उद्देश्य से हुआ था संघ का गठन : प्रताप
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- Jan 11, 2026

जींद, 11 जनवरी (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा रविवार को शहर के निजी होटल में संघ की 100 वर्ष की यात्रा व पंच परिवर्तन विषय पर एक नागरिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। प्रांत कार्यवाह प्रताप ने गोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का गठन 27 सितंबर 1925 को डा. केशव बलिराम हेडगेवार ने नागपुर में विजय दशमी के दिन की थी। संघ के गठन का उद्देश्य हिंदुओं को संगठित कर राष्ट्रभक्ति और अनुशासन के माध्यम से समाज का निर्माण करना था। डा. हेडगेवार का चिंतन था कि देश बार-बार गुलाम क्यों हो रहा है।
समाज से जाति-पाति के भेदभाव को खत्म कर समाज को संगठित करने के उद्देश्य से संघ का गठन किया गया था। वर्तमान में संघ ने अपने 100 साल पूरे किए हैं। उन्होंने कहा कि डा. हेडगेवार जब छोटे थे और अंग्रेज ब्रिटिश महारानी विक्टोरिया के राज्यभिषेक के जश्न में मिठाइयां बांट रहे थे तो उन्होंने यह कहते हुए मिठाई कूड़े में फैंक दी थी कि गुलाम बनाने वाले विदेशी शासक का जश्न मनाना शर्मनाक है और वे इस गुलामी के प्रतीक मिठाई को कूड़ेदान में फेंक रहे हैं और वास्तविक आजादी मिलने पर ही खुशी मनाएंगे।
उन्होंने कहा कि संघ को अगर समझना है तो प्रतिदिन एक घंटा शाखा में जरुर जाना पड़ेगा। शाखा के बिना संघ समझ नहीं आएगा। उन्होंने बताया कि पूरे भारतवर्ष में 87 हजार शाखाएं चल रही हैं और 40 देशों में हिंदू स्वयंसेवक संगठन के नाम से संघ का कार्य चल रहा है। संघ के करीब 40 आनुशंगिक संगठन हैं, जो समाज में अलग-अलग क्षेत्रों में सेवा कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संघ में भारत मां की आराधना होती है और संघ के स्वयंसेवक भारत माता के लिए तन-मन-धन से समर्पित रह कर कार्य करते हैं। गोष्ठी में जींद जिला प्रचारक मुरारी लाल, प्रांत मुख्य मार्ग प्रमुख जयवीर, सह जिला संघचालक मनदीप, जिला कार्यवाह विवेक, सह जिला कार्यवाह खुशीराम, ग्राम विकास गतिविधि प्रमुख रोहतक विभाग जितेंद्र, रोहतक विभाग प्रचार प्रमुख सोम कुमार, जिला कार्यकारिणी सदस्य प्रदीप कुमार भी मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा



