जयपुर, 15 जनवरी (हि.स.)। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने कार्रवाई करते हुए दो साल से फरार चल रहे टीचर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपित ने डमी कैंडिडेट के जरिए परीक्षा पास कर सरकारी नौकरी हासिल की थी। जिसके खुलासे के बाद आरोपित फरार हो गया और दो साल तक अपने ठिकाने बदल कर फरारी काटता रहा। जिसके बाद एसओजी ने आरोपित पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया था। पुलिस गिरफ्तार आरोपित से फरारी काटने व सहयोग करने वालों के बारे में गहनता से पूछताछ करने में जुटी है।
एडीजी (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया की राजस्थान लोक सेवा आयोग अजमेर की ओर से सीनियर टीचर सेकंड ग्रेड के कॉम्पिटिशन परीक्षा वर्ष-2022 में आयोजित की गई थी। कई मामले फर्जी सामने आने पर एसओजी की ओर से रिपोर्ट दर्ज कर एग्जाम में बैठे कैंडिडेट्स की जांच की जा रही थी। जांच में सामने आया कि आरोपित सम्पत लाल माली (28) निवासी चितलवाना जालोर ने दोनों विषय की परीक्षा खुद नहीं दिए हैं। अपनी जगह डमी कैंडिडेट बैठाकर एग्जाम पास कर गवर्नमेंट जॉब हासिल की है। डमी कैंडिडेट के जरिए धोखाधड़ी कर सीनियर टीचर (साइंस विषय) के पद पर आरोपित चयनित हो गया था। एसओजी में मामला दर्ज होने का पता चलने पर आरोपित संपत लाल माली फरार हो गया। लंबे समय से फरार चलने पर उसकी गिरफ्तारी को लेकर एसओजी की ओर से पांच हजार रुपये का इनाम रखा गया था। एसओजी टीम ने फरार इनामी बदमाश संपत लाल को बुधवार रात दबिश देकर धर-दबोचा। फर्जीवाड़े में शामिल अन्य आरोपितों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के साथ आगे की जांच की जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश



