नववर्ष पर शांतिकुंज में साधना व यज्ञ, जन्मशताब्दी वर्ष को उत्साह से मनाने का आह्वान

हरिद्वार, 01 जनवरी (हि.स.)। शांतिकुंज में अंग्रेजी कैलेंडर के पहले दिन का शुभारंभ ध्यान-साधना एवं योगाभ्यास से हुआ। वहीं गुरुधाम पहुंचे हजारों स्वयंसेवकों ने श्रद्धा एवं निष्ठा के साथ सर्वे भवन्तु सुखिनः की भावना से गायत्री महायज्ञ में आहुतियां अर्पित कीं। 11 पारियों में आयोजित इस महायज्ञ में देश के कोने-कोने से आए साधकों ने गायत्री महामंत्र एवं महामृत्युंजय मंत्र के साथ विशेष यज्ञाहुतियां दीं।

इस अवसर पर अपने संदेश में गायत्री परिवार के प्रमुखद्वय डॉ. प्रणव पण्ड्या एवं शैल दीदी ने जन्मशताब्दी वर्ष को पूरे उत्साह के साथ मनाने का आह्वान किया। साथ ही युवाओं को भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान से जोडने पर विशेष बल दिया।

नववर्ष के प्रथम दिन डॉ. पण्ड्या ने कहा कि वर्ष 2026 में देश-विदेश के युवाओं को रचनात्मक कार्यक्रमों से जोड़ा जाएगा। ये युवा भ्रष्टाचार एवं सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध विकसित हो रही जनभावनाओं को एक व्यापक सामाजिक आंदोलन का स्वरूप देंगे। उन्होंने जन्मशताब्दी वर्ष में समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता का आह्वान करते हुए भारत के लिए वर्ष 2026 को शुभ बताया तथा नववर्ष की शुभकामनाएं दीं।

संस्था की अधिष्ठात्री शैल दीदी ने कहा कि वर्ष 2026 संपूर्ण समाज के लिए असीम संभावनाएं लेकर आ रहा है। यह वर्ष नए सकारात्मक विचारों को क्रियान्वित करने एवं अधूरे सपनों को साकार करने हेतु दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि यह वर्ष नवसृजन, आध्यात्मिक उन्नति एवं सामाजिक जागरण के अनेक स्वर्णिम अवसर प्रदान करेगा।

देवसंस्कृति विश्वविद्यालय परिवार, ब्रह्मवर्चस शोध संस्थान एवं शांतिकुंज परिवार के सदस्यों ने गायत्री परिवार के प्रमुखद्वय से भेंट कर नववर्ष हेतु विशेष मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस अवसर पर गायत्री विद्यापीठ एवं देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने डॉ. प्रणव पण्ड्या एवं शैल दीदी को गुलदस्ते भेंट कर शुभकामनाएं दीं।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला