उत्तर भारतीयों को पीटने वालों पर कार्रवाई करे सरकार : संजय निरुपम

मुंबई, 01 जनवरी (हि.स.)। शिवसेना शिंदे समूह के प्रवक्ता संजय निरुपम ने कहा कि राज्य सरकार को जल्द मुंबई सहित पूरे राज्य में रहने वाले उत्तर भारतीयों को पीटने वालों पर कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। संजय निरुपम ने शिवसेना यूबीटी के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे पर स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे के विचारों के विपरीत काम करने का भी आरोप लगाया है।

संजय निरुपम ने गुरुवार को मुंबई में पत्रकार वार्ता में कहा कि स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे ने कभी हिंदी के खिलाफ कोई बयान नहीं दिया। बालासाहेब हमेशा हिंदू धर्म और हिंदुत्व की बात करते थे। वह पक्के देशभक्त थे। वह पक्के हिंदू थे। लेकिन शिवसेना यूबीटी और मनसे की राजनीति खत्म हो गई है। मराठी बोलने वालों ने उन्हें नकार दिया है। निरुपम ने उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे पर मराठी लोगों को भडक़ाकर हिंदी के खिलाफ अभियान चलाने और बालासाहेब ठाकरे के विचारों को चोट पहुंचाने का आरोप लगाया है।

संजय निरुपम ने कहा कि बीएमसी चुनाव में ठाकरे बंधु हिंदी बोलने वालों के खिलाफ कैंपेन चलाकर मराठी लोगों को भड़का रहे हैं। लेकिन मराठी लोगों ने ठाकरे बंधुओं को पहचान लिया है। उन्हें उनकी जगह दिखा दी है। एक के पास 20 विधायक हैं जबकि दूसरे के पास सिर्फ डेढ़ परसेंट वोट हैं। इसलिए मराठी लोगों ने ठाकरे बंधुओं को रिजेक्ट कर दिया है। संजय निरुपम ने कहा कि मराठी वोट के ध्रुवीकरण के लिए मनसे और शिवसेना यूबीटी मराठी न आने के नाम पर गरीब बेबश उत्तर भारतीयों की पिटाई करवा रही है।

संजय निरुपम ने कहा कि हम एक देश में रहते हैं। हम हिंदू कम्युनिटी से हैं। हम यहां अपनी रोजी-रोटी कमाने आए हैं। मराठी भाषा सबको आनी चाहिए, लेकिन जो नहीं जानते वे कैसे बोलेंगे। हमें मराठी भाषा सीखने की कोशिश करनी चाहिए। लेकिन अगर कोई 2-3 महीने पहले यहां आया और वॉचमैन का काम कर रहा था और उसे मराठी में बोलने को कहा गया,अगर मराठी नहीं बोल पाया तो उसे पीट दिया गया। अगर वह इतना होशियार होता, तो क्या वह वॉचमैन बनता। संजय निरुपम ने उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे को पॉजिटिव सोच के साथ चुनाव लड़ने की अपील की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव