वाराणसी: पत्रकार एवं स्वतंत्रता सेनानी, शिक्षाविद डॉ संपूर्णानंद की जयंती मनी

संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में गोष्ठी,तस्वीर पर श्रद्धासुमन अर्पित

वाराणसी, 1 जनवरी (हि.स.)। स्वतंत्रता सेनानी एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिक्षाविद डॉ. संपूर्णानंद की 136वीं जयंती गुरूवार को वाराणसी में मनाई गई। सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में डॉ. संपूर्णानंद को नमन कर उनके चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किया गया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति प्रो. रामपूजन पाण्डेय ने कहा कि डॉ. संपूर्णानंद महान स्वतंत्रता सेनानी और राजनेता के साथ इस विश्वविद्यालय के संस्थापक थे। उनका जन्म 1 जनवरी 1890 को वाराणसी में हुआ था और उन्होंने अपनी शिक्षा क्वींस कॉलेज, वाराणसी और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से प्राप्त की। आज इस संस्था के संस्थापक, स्वतंत्रता सेनानी, शिक्षाविद्, पत्रकार एवं पूर्व मुख्यमंत्री के जन्म जयंती महोत्सव से हमारी युवा पीढ़ी उनके व्यक्तित्व कृतित्व को जान समझकर प्रेरित होती है।

छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष एवं सामाजिक विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. शैलेश कुमार मिश्र ने बतौर मुख्य वक्ता कहा कि डॉ. संपूर्णानंद एक कुशल और निर्भीक राजनेता थे, जिन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और राजस्थान के राज्यपाल के रूप में कार्य किया। वे एक महान स्वतंत्रता सेनानी भी थे और उन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए कई आंदोलनों में भाग लिया। डॉ. संपूर्णानंद ने संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना 1958 में की, जो संस्कृत भाषा और संस्कृति के अध्ययन के लिए एक प्रमुख संस्थान है। इस विश्वविद्यालय में म्यूजियम, वेधशाला और अन्य सुविधाएं हैं, जो संस्कृत के अध्ययन को बढ़ावा देती हैं। चीफ प्रॉक्टर प्रो जितेंद्र कुमार ने भी उन्हें नमन किया।

कार्यक्रम का संचालन संस्कृत विद्या विभाग के डॉ रविशंकर पांडेय ने किया। गोष्ठी में प्रो. जितेन्द्र कुमार, प्रो. शैलेश कुमार मिश्र, डॉ. रविशंकर पांडेय, डॉ. विजेन्द्र कुमार आर्य, डॉ. सत्येन्द्र कुमार यादव आदि भी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी