बीएचयू के हिन्दी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर के शोध पत्र को बड़ी उपलब्धि

वाराणसी, 04 ​जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के हिंदी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रियंका सोनकर को नववर्ष में बड़ी उपलब्धि मिली है। डॉ प्रियंका का शोध-पत्र अमेरिका के कैलफोर्निया विश्वविद्यालय लास एजेंल्स (यूसीएलए) में आयोजित होने वाले पांचवें इंटरनेशनल कांफ्रेंस आन हेरिटेज/ कम्यूनिटी लंग्वेज में स्वीकार किया गया है। यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 27–28 फरवरी को यूसीएलए परिसर में आयोजित होगा।

डॉ. प्रियंका सोनकर इस सम्मेलन में भारत से तथा काशी हिंदू विश्वविद्यालय से एकमात्र शिक्षिका हैं, जिन्हें शोध-पत्र प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हुआ है। उनका शोध-पत्र “कल्चरल आइडेंटिटी ऐंड प्रिज़र्वेशन ऑफ़ हिंदी ऐज अ हेरिटेज लैंग्वेज इन द यूनाइटेड स्टेट्स” विषय पर आधारित है। यह जानकारी बीएचयू के जनसम्पर्क कार्यालय ने दी।

बताया गया कि इस शोध में अमेरिका में बसे भारतीय प्रवासी समुदायों के बीच हिन्दी भाषा की भूमिका, उसकी सांस्कृतिक पहचान तथा पीढ़ी-दर-पीढ़ी हिंदी के संरक्षण की प्रक्रिया का गहन अध्ययन प्रस्तुत किया गया है। डॉ. सोनकर हिंदी भाषा की वैश्विक पहचान, सांस्कृतिक निरंतरता और अंतरराष्ट्रीय अकादमिक संवाद के लिए निरंतर सक्रिय एवं समर्पित रही हैं।

इस संगोष्ठी में लगभग 30 देशों की भाषाओं के लोग अपनी भाषाओं की विरासत पर विचार करेंगे । यह उपलब्धि न केवल काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग के लिए बल्कि हिंदी भाषा के अंतरराष्ट्रीय प्रसार और भारतीय भाषाई चेतना के लिए भी गर्व का विषय है। प्रियंका सोनकर मऊ जैसे छोटे से गांव से निकलकर हिंदी की वैश्विक पहचान के लिए प्रयासरत और समर्पित हैं ।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी