बीएचयू ने शुरू किए 121 क्रेडिट-रेडी आईएनआई–स्वयं पाठ्यक्रम, एएमयू और आरआरयू भी साझेदार
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- Jan 06, 2026
वाराणसी, 06 जनवरी (हि.स.)। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) ने जनवरी–अप्रैल 2026 सत्र के लिए 121 क्रेडिट-रेडी आईएनआई–स्वयं पाठ्यक्रमों की शुरुआत की है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आईएनआई–स्वयं डोमेन के लिए राष्ट्रीय समन्वयक के रूप में बीएचयू का यह पहला सेमेस्टर है। इस पहल के तहत बीएचयू के साथ अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (आरआरयू) को एक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया गया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य सुदृढ़ शिक्षार्थी सहायता, साप्ताहिक विश्लेषण और विश्वविद्यालय क्रेडिट मार्गों पर विशेष ध्यान देकर छात्रों को अकादमिक तथा व्यावसायिक दोनों स्तरों पर लाभ पहुंचाना है। मंगलवार को यह जानकारी विश्वविद्यालय के जनसम्पर्क अधिकारी ने दी। बीएचयू में विज्ञान, इंजीनियरिंग, प्रबंधन, चिकित्सा, शिक्षा, मानविकी, सामाजिक विज्ञान, कानून और अंतःविषय अध्ययन सहित कुल 71 पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इन पाठ्यक्रमों की शुरुआत 26 जनवरी से 16 फरवरी 2026 के बीच होगी। वहीं, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में अरबी से लेकर जूलॉजी तक फैले 48 पाठ्यक्रम 26 जनवरी 2026 से आरंभ होंगे। राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय में रक्षा एवं सामरिक अध्ययन तथा फोरेंसिक लेखांकन के दो पाठ्यक्रम 26 जनवरी से शुरू किए जा रहे हैं।
आईएनआई–स्वयं के राष्ट्रीय समन्वयक एवं बीएचयू के प्रबंधन अध्ययन संस्थान से जुड़े डॉ. आशुतोष मोहन ने कहा कि यह पहल पहुंच, लचीलापन और गुणवत्ता के लिहाज से एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि बीएचयू यह सुनिश्चित करेगा कि सभी आईएनआई–स्वयं पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की भावना के अनुरूप हों—जो अंतःविषय, कौशल-उन्मुख और सभी प्रेरित विद्यार्थियों के लिए खुले हों। डॉ. मोहन ने बताया कि इस सत्र में दो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सह-विकसित पाठ्यक्रम भी शामिल किए जा रहे हैं। शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा बीएचयू को जीआईजेड की डिजिटल स्किल्स टू सक्सेसफुल (डीएस2एस) परियोजना के लिए हब विश्वविद्यालय के रूप में मान्यता दी गई है। इसके अंतर्गत बीएचयू ने जर्मनी के लीपज़िग विश्वविद्यालय के एसईपीटी सक्षमता केंद्र के साथ दो विशेष पाठ्यक्रमों का सह-विकास किया है। इनमें स्टार्ट-अप्स के लिए डिजिटल मार्केटिंग और ब्रांडिंग—ग्राहक खोज, मीडिया मिश्रण, मापन और विकास पर केंद्रित एक व्यावहारिक पाठ्यक्रम तथा डिजिटल एंटरप्रेन्योरशिप की नींव शामिल हैं। विश्वविद्यालय का मानना है कि ये पाठ्यक्रम छात्रों को वैश्विक स्तर की डिजिटल और उद्यमशीलता कौशल से सुसज्जित करेंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी



