वाराणसी: नहीं रहे तुलसी घाट स्वामीनाथ अखाड़े के पहलवान सियाराम

—मिर्जापुर केसरी एवं इंटर यूनिवर्सिटी गोल्ड मेडल मिला था,पहलवानों में शोक

वाराणसी,4 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी तुलसीघाट स्थित स्वामीनाथ अखाड़े के पहलवान सियाराम यादव के निधन पर पहलवानों के साथ कुश्ती प्रेमी भी शोकाकुल हैं। रविवार को अखाड़े के सरंक्षक व श्री संकट मोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वम्भर नाथ मिश्रा सहित अन्य कुश्ती प्रेमियों ने पहलवान सियाराम को यादकर श्रद्धांजलि दी। महंत प्रो.मिश्र ने कहा कि काशी ने एक अच्छा कुश्ती खिलाड़ी खो दिया। वह स्वामीनाथ अखाड़े के सर्वश्रेष्ठ पहलवानों में गिने जाते थे और कुश्ती के बेहतरीन खिलाड़ी थे। पूर्व उत्तर प्रदेश केसरी सभाजीत यादव उर्फ कल्लू पहलवान ने कहा कि सियाराम यादव अपने समय के बेहतरीन कुश्ती खिलाड़ी थे और उस समय उनके जोड़ का कोई पहलवान बनारस और उत्तर प्रदेश में नहीं था, वह कुश्ती लड़ने पंजाब, बिहार, राजस्थान सहित देश के कोने-कोने में जाते थे और वहां जीत कर आते थे। पुष्कर तालाब सफाई अभियान के संयोजक रामयश मिश्र ने कहा कि सियाराम यादव पहलवान होने के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी बहुत बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। अस्सी स्थित पुष्कर तालाब की सफाई अभियान में उन्होंने बड़ा सहयोग दिया था।

बताते चलें कि पहलवान सियाराम यादव का काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सर सुंदरलाल अस्पताल में इलाज के दौरान दो जनवरी को निधन हो गया। उनका अन्तिम संस्कार हरिश्चंद्र घाट पर किया गया। मूल रूप से मिर्जापुर जनपद के अदलहाट हाजीपुर रस्तोगिया के मूल निवासी सियाराम ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय से स्नातक किया था। पहलवान सियाराम को वर्ष 1985 में कुश्ती में बीएचयू कुमार की उपाधि दी गई थी।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी