UK का वीजा दिलाने के नाम पर 35 लाख हड़पे:फतेहाबाद के दंपती को ठगने पर 5 पर FIR; दो चंडीगढ़-पंजाब के निवासी

फतेहाबाद जिले के युवक और उसकी पत्नी से विदेश में वीजा लगवाने के नाम पर 35 लाख रुपए हड़पने का मामला सामने आया है। पुलिस ने युवक के भाई की शिकायत पर पांच आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इनमें एक आरोपी पंजाब व एक चंडीगढ़ का निवासी है। बाकी तीन फतेहाबाद के गांव अलावलवास के रहने वाले हैं। आरोपियों में गांव अलावलवास निवासी संजय ढुकिया, उसके पिता भगवंत दयाल ढुकिया, इसी गांव निवासी अनूप कुमार, पंजाब के जिला संगरूर निवासी अवतार सिंह व चंडीगढ़ निवासी रजत गुप्ता शामिल हैं। इन पर इकोनॉमिक सेल की जांच के बाद सदर थाना फतेहाबाद में आईपीसी की धारा 406, 420, 120बी के तहत केस दर्ज हुआ है। मार्च 2024 में हुई थी वीजा लगवाने के लिए बातचीत गांव चिंदड़ निवासी राजवीर ने 20 नवंबर को एसपी को दी शिकायत में बताया कि उसने अपने भाई जयवीर व उसकी पत्नी रेनू का यूके का वीजा लगवाने के लिए गांव अलावलवास निवासी संजय ढुकिया से बात की। संजय ढुकिया यूके में रहता है। संजय ने अपने दो ऑफिस बताए, जिनमें एक रतिया व दूसरा चंडीगढ़ में बताया। 31 मार्च 2024 को संजय ने कॉल कर कहा कि तीन साल का वीजा मिल रहा है। उसने कुल खर्च 35 लाख रुपए बताया और कहा कि 5 लाख रुपए पहले और बाकी पेमेंट वीजा आने के बाद दे देना। 2 अप्रैल 2024 को उसने कहा कि कोस एसाइन्ड हो गया है। फिर उसने सभी दस्तावेज लिए और 10 अप्रैल 2024 को बायोमेट्रिक बुक कर दी। तीन साल का दिया वीजा राजवीर ने बताया कि संजय ने जयवीर व रेनू का वीजा 1 अप्रैल 2024 से 1 अप्रैल 2027 तक का दिया। फिर संजय ने पेमेंट के लिए चंडीगढ़ आफिस के एजेंट रजत गुप्ता का खाता नंबर भेजा। उसमें छह लाख रुपए भेजे। फिर संजय के कहने पर उसके गांव के अनूप को 16 मई 2024 को 15 लाख रुपए फतेहाबाद में रविदास चौक स्थित किसी जानकार के घर पर दिए। उसके बाद संजय के कहने पर पंजाब के संगरूर जिला निवासी अवतार सिंह के खाते में दो लाख 80 हजार रुपए डाले। रेनू की 31 मई 2024 और जयवीर की 7 जून 2024 की यूके के लिए फ्लाइट बुक हुई। यूके जाने के बाद उन्होंने संजय को कंपनी में बात करने के लिए कहा। तो उसने हर बार एक ही बात बोली कि आज करूंगा, कल करूंगा। यूके पहुंचने के बाद संजय ने नहीं उठाई कॉल राजवीर ने बताया कि परेशान होकर उसके भाई ने डायरेक्ट कंपनी में कॉल की। कंपनी मालिक ने कहा कि तुम्हारा एजेंट संजय कॉल नहीं उठाता। फिर उस कंपनी के मालिक ने और पैसे मांगते हुए कहा कि मुझे 20 हजार पाउंड और दे दोगे तो मैं तुम्हें अपनी कंपनी में काम दे दूंगा, नहीं तो होम ऑफिस में जाकर तुम्हारा वीजा केंसिल करने के लिए मेल कर दूंगा। फिर संजय से बात की तो उसने कहा कि इस कंपनी में तो अब काम नहीं दिलवा सकता। अगर कोई वीजा केंसिल होने की मेल आती है, तो बता देना, वीजा चेंज करवा दूंगा। फिर रेनू को कहीं काम नहीं मिला और 14 अप्रैल 2025 को वीजा केंसिल की मेल आ गई। राजवीर ने लगाए धोखे में रखने के आरोप राजवीर ने बताया कि मेल में लिखा था कि कंपनी मालिक ने 13 मई 2024 को ही वीजा अप्लीकेशन वापिस ले ली थी। भाई जयवीर व रेनू के आने से पहले ही वीजा केंसिल की ईमेल होम ऑफिस में डाल दी गई थी। यह बात उन्हें न तो संजय ने बताई और न ही कंपनी मालिक ने। इस प्रकार उनके साथ धोखा किया गया। इसके बाद उन्होंने परिवार को पूरी बात बताई। जिस पर कई परिजन संजय के पिता भगवंत ढुकिया से मिले तो उसने कहा कि उसके बेटे संजय ने कहा है कि 5 लाख रुपए और लगेंगे, उनका वीजा आगे चेंज करवा देगा। फिर 1500 पाउंड और भेज दिए। इसके बाद वह और पैसे मांगने लगा। फिर उन्होंने पुलिस को शिकायत दी।