हरियाणा IPS सुसाइड केस, SIT ने 50 गवाह बनाए:तत्कालीन रोहतक एससी के भी बयान दर्ज; जल्द DGP को सौंपी जाएगी फाइनल रिपोर्ट
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- Jan 08, 2026
हरियाणा के आईपीएस वाई. पूरन कुमार सुसाइड केस में चंडीगढ़ पुलिस ने जांच को काफी हद तक पूरा कर लिया है। मामले से जुड़े अब तक 50 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। केस की जांच कर रही चंडीगढ़ पुलिस की एसआईटी ने तत्कालीन रोहतक के एससी नरेंद्र बिजराणिया के भी बयान दर्ज किए हैं। इसके अलावा एसआईटी ने दिवंगत आईपीएस वाई. पूरन कुमार के फाइनल नोट में जिन 14 आईएएस और आईपीएस अधिकारियों का जिक्र है, उनके भी बयान दर्ज कर लिए हैं। सभी संबंधित गवाहों के बयान पूरे होने के बाद अब एसआईटी फाइनल रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया में जुट गई है। जल्द ही चंडीगढ़ पुलिस की एसआईटी अपनी जांच रिपोर्ट चंडीगढ़ डीजीपी डॉ. सागर प्रीत हुड्डा को सौंपेगी। 14 आईएएस-आईपीएस हो चुके जांच में शामिल चंडीगढ़ पुलिस की एसआईटी के सूत्रों के अनुसार, अब तक आईपीएस वाई पूरन कुमार सुसाइड केस में 14 आईएएस और आईपीएस अधिकारी जांच में शामिल हो चुके हैं। इसके अलावा एसआईटी ने 50 से अधिक गवाहों के बयान भी दर्ज किए हैं। जिसमें अधिकतर रोहतक के पुलिस कर्मचारी शामिल हैं। एसआईटी ने फाइनल नोट के आधार पर हरियाणा के चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी, रोहतक के पूर्व एसपी नरेंद्र बिजराणिया, डीजीपी शत्रुजीत कपूर समेत सभी अधिकारियों को जांच में शामिल किया है। 15 अधिकारियों का नाम फाइनल नोट में शामिल दरअसल, पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार 6 अक्टूबर को रोहतक स्थित सेक्टर-19 थाना अर्बन स्टेट में वाई पूरन कुमार के गनमैन सुशील कुमार पर रिश्वत मांगने का केस दर्ज किया गया था। 7 अक्टूबर को सुशील कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद अगले दिन 7 अक्टूबर को चंडीगढ़ सेक्टर-11 स्थित अपने आवास पर वाई पूरण कुमार ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। आईपीएस पूरन कुमार ने अपने फाइनल नोट में कुल 15 अधिकारियों का जिक्र किया था, जिनमें से 11 पर गंभीर रूप से परेशान करने के आरोप लगाए थे। एसआईटी ने 29 दिसंबर को दोपहर करीब दो बजे से रात 12 बजे तक रोहतक पुलिस के डीएसपी, एसएचओ व शराब ठेकेदार से कई घंटे पूछताछ की थी। जानिए IPS के सुसाइड नोट में क्या लिखा था...



