हरियाणा के 3 मेयर पद रिजर्वेशन पर 22 को फैसला:पंचकूला, अंबाला, सोनीपत में खत्म हुआ कार्यकाल; वार्डबंदी पर भी चल रही रार
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- Jan 05, 2026
हरियाणा में तीन नगर निगम में मेयर पद जनरल कैटेगरी के लिए बरकरार रहेगा या रिजर्व हो जाएगा? इस बारे में जानने को लेकर राजनीतिक गलियारे में बीते कई दिनों से हर कोई बेचैन हैं। जिसके लिए 22 जनवरी को दोपहर बाद 2:30 बजे लॉट ऑफ ड्रा निकाला जाएगा। पंचकूला, अंबाला और सोनीपत नगर निगम के मेयर व पार्षदों का कार्यकाल जनवरी 2026 में खत्म होने जा रहा है। इन तीनों शहरों में से किसी एक शहर का मेयर पद बैकवर्ड क्लास बी के लिए रिजर्व होना है। इसके लिए अब तीसरी बार ड्रा रखा गया है। शहरी एवं स्थानीय निकाय विभाग के अधीक्षक दिनेश कुमार की ओर से पत्र जारी किया गया है। इससे पहले 1 दिसंबर को ड्रॉ रखा गया था। हालांकि ब्यूरोक्रेसी में बदलाव के कारण ऐन मौके पर ड्रॉ को पोस्टपोन कर दिया गया। इसके बाद 15 दिसंबर को भी ड्रा रद्द हो गया था। इस वजह से टल गया था ड्रा दरअसल, हरियाणा गवर्नमेंट की तरफ से सोमवार को 20 आईएएस और आईपीएस की ट्रांसफर लिस्ट जारी की गई। इस लिस्ट में 2009 बैच के आईएएस पंकज कुमार का भी ट्रांसफर कर दिया गया था, जो कि अर्बन लोकल बॉडीज डिपार्टमेंट, हरियाणा में डायरेक्टर थे। उनकी जगह 2006 बैच के आईएएस अशोक मीणा को यूएलबी डिपार्टमेंट का नया डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। तीनों शहरों में से किसी एक शहर का मेयर पद रिजर्व करने का ड्रॉ डायरेक्टर यूएलबी की देखरेख में होना था। इस वजह से दोनाें बार होने वाले ड्रॉ को भी पोस्टपोन कर दिया गया था। बैकवर्ड क्लास-बी कैटेगरी रिजर्व होगी एक सीट तीन नगर निगमों में से किसी एक का मेयर पद बैकवर्ड क्लास-बी कैटेगरी क्लास बी में अहीर / यादव, गुर्जर, समेत कई जातियां शामिल हैं। ऐसे में राजनीतिक दलों ने इस कैटेगरी में आने - वाले संभावित उम्मीदवारों पर भी फोकस बढ़ा दिया है। पंचकूला का मेयर पद अभी जनरल केटेगरी के लिए रिजर्व हैं। कुलभूषण गोयल पंचकूला नगर निगम के मेयर हैं। वार्डबंदी पर भी पंचकूला में रार पंचकूला में वार्डबंदी के खिलाफ कांग्रेस सहित 10 आब्जेक्शन आए थे। लेकिन एडहॉक कमेटी ने सभी को खारिज करते हुए पहले किए गए नोटिफिकेशन को ही अंतिम रूप दे दिया। जिसके चलते कांग्रेस के पूर्व चेयरमैन रविंद्र रावल ने बताया कि उनकी पार्टी कोर्ट में जाने की तैयारी कर रही है। 7 जनवरी को छुट्टी खत्म होते ही वे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगें, क्योंकि उनके पास मजबूत आधार है।



