यमुनानगर में फ्लैट निवेश के नाम पर डेढ़ करोड ठगे:जिरकपुर-मोहाली के दो बिल्डरों पर FIR दर्ज, एक करनाल कोर्ट से भगोड़ा

यमुनानगर में फ्लैट दिलाने के नाम पर डेढ़ करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का गंभीर मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध शाखा की जांच के बाद थाना सढौरा में जीरकपुर और मोहाली के दो आरोपी बिल्डरों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पीड़ित के अनुसार एक आरोपी पर पहले से आपराधिक केस दर्ज है और वह करनाल कोर्ट से भगोड़ा भी घोषित हो चुका है। पुलिस केस दर्ज करके आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है। डेढ़ करोड़ लेकर कब्जा दिलाने का किया दावा सढौरा थाना पुलिस को दी शिकायत में राजीव कुमार पुत्र रामचंद्र, निवासी मोहल्ला मिर्जा, वार्ड नंबर 17, यमुनानगर ने बताया कि वर्ष 2022 से उसका संपर्क आरोपियों से था। उसके साले शुभम बेदी के माध्यम से उसकी जान-पहचान अमित दुआ और इंद्रजीत से हुई, जो जिरकपुर और मोहाली में रियल एस्टेट का काम करते हैं। जुलाई 2023 में आरोपियों ने एक नए प्रोजेक्ट में फ्लैट दिलाने का झांसा देकर उनसे करीब डेढ़ करोड़ रुपा निवेश करवा लिए। शिकायत के अनुसार, कुछ राशि नगद और कुछ कंपनी खाते में दी गई। नगद रकम सढौरा में आरोपियों को दी गई, जिसके गवाह शुभम बेदी और याकेश कुमार बताए गए हैं। फ्लैटों का निर्माण बाकी है कहकर टाला आरोपियों के आश्वासन पर शिकायतकर्ता और अन्य लोग सितंबर 2024 तक इंतजार करते रहे, लेकिन समय बीत जाने पर शुभम बेदी के माध्यम से संपर्क किया तो आरोपियों ने कहा कि फ्लैटों में थोड़ा निर्माण बाकी है और जल्द कब्जा दे दिया जाएगा। लेकिन तय समय बीत जाने के बाद भी न तो फ्लैट मिला और न ही पैसे वापस किए गए। जब शिकायतकर्ता ने राशि वापस मांगी तो आरोप है कि आरोपियों ने न केवल इनकार किया बल्कि गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकियां दीं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपियों ने कहा कि उन्होंने सारा पैसा नगद लिया है और उनके पास कोई सबूत नहीं है। पटियाला में झूठा मामला कराया दर्ज इतना ही नहीं, शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि उसे डराने और दबाव बनाने के लिए आरोपियों ने उसके खिलाफ पटियाला के सिविल लाइन थाने में झूठा मामला दर्ज करवाया, जिसमें वह फिलहाल जमानत पर है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपी अमित दुआ के खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह करनाल कोर्ट में भगोड़ा भी घोषित हो चुका है। आर्थिक अपराध शाखा यमुनानगर की जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके आधार पर थाना सढौरा में विभिन्न धाराओं के तहत तहत दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।