चांदनी चौक में खुद को गोली मार रची साजिश, तीन गिरफ्तार

नई दिल्ली, 17 मई (हि.स.)। उत्तरी जिले के चांदनी चौक इलाके में किराएदार पर हुए कथित जानलेवा हमले के मामले में दिल्ली पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि गोली लगने का दावा करने वाला किराएदार ही पूरी साजिश का मास्टरमाइंड निकला। उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर खुद को गोली मारी और मकान मालिक पर दबाव बनाकर मोटी रकम वसूलने की योजना बनाई थी।

उत्तर जिले के पुलिस उपायुक्त राजा बांठिया ने रविवार को बताया कि कोतवाली थाना टीम और एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (एएटीएस) ने मामले का पर्दाफाश करते हुए शिकायतकर्ता अविनाश कुमार समेत तीनों आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो कार, पांच मोबाइल फोन, एक देशी पिस्तौल, दो मैगजीन और 14 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार, 10 मई की रात करीब 10:30 बजे अविनाश कुमार ने पुलिस को सूचना दी थी कि वह चांदनी चौक के कुचा बुलाकी बेगम स्थित अपने किराए के मकान में मौजूद था। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति घर में घुसा और पिस्तौल दिखाकर 2-3 गोलियां चला दीं। एक गोली उसकी जांघ में लगी और आर-पार निकल गई। घायल अविनाश को उसका बेटा एलएनजेपी अस्पताल लेकर गया।

मौके पर पहुंची पुलिस और क्राइम टीम को खून के धब्बे और दो खाली कारतूस मिले थे। इसके बाद कोतवाली थाने में हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एएटीएस और कोतवाली थाना पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के 200 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच में एक संदिग्ध युवक घर से निकलकर ऑटो में बैठता दिखाई दिया। पुलिस ने उसके पूरे रूट को ट्रेस किया और कश्मीरी गेट आईएसबीटी तक पहुंची।

इसके बाद टीम ने संदिग्ध के आने वाले रास्ते की पड़ताल शुरू की और सुनहरी मस्जिद इलाके तक पहुंच गई। स्थानीय लोगों से पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस को एक ऑटो का नंबर मिला। ऑटो चालक ने बताया कि उसने संदिग्ध को मोनेस्ट्री मार्केट से बैठाया था। पुलिस ने वहां के कैमरों की जांच की तो एक सफेद स्कॉर्पियो कार का नंबर मिला, जिससे संदिग्ध युवक उतरता दिखाई दिया। जांच में पता चला कि कार सोनीपत निवासी दीपक कुमार के नाम पर पंजीकृत है।

तकनीकी निगरानी और सोशल मीडिया प्रोफाइल की जांच के जरिए पुलिस ने दूसरे संदिग्ध की पहचान लोकेश दहिया के रूप में की। 15 मई की सुबह करीब तीन बजे पुलिस ने हरियाणा के कुंडली स्थित गढ़ीबाला गांव से लोकेश दहिया को दबोच लिया। उसके पास से वारदात के समय पहने गए कपड़े और चप्पल बरामद हुईं।

लोकेश की निशानदेही पर पुलिस ने सोनीपत के शिव कॉलोनी निवासी दीपक कुमार को गिरफ्तार कर लिया और वारदात में इस्तेमाल स्कॉर्पियो कार जब्त कर ली। पूछताछ में दोनों ने खुलासा किया कि पूरी साजिश का मास्टरमाइंड खुद शिकायतकर्ता अविनाश कुमार है। इसके बाद पुलिस ने अविनाश को भी गिरफ्तार कर लिया। उसके घर से देशी पिस्तौल, दो मैगजीन और 14 कारतूस बरामद किए गए।

पूछताछ में अविनाश ने बताया कि मकान मालिक उससे किराए का मकान खाली कराने का दबाव बना रहा था। उसने मकान मालिक के खिलाफ तीस हजारी कोर्ट में दीवानी मुकदमा भी दायर किया हुआ है। इसी विवाद के चलते उसने साथियों के साथ मिलकर खुद को गोली मारने की साजिश रची ताकि मकान मालिक पर दबाव बनाकर समझौते के नाम पर भारी रकम वसूली जा सके।

योजना के तहत दीपक और लोकेश स्कॉर्पियो से दिल्ली आए। दीपक ने अपनी देशी पिस्तौल और कारतूस लोकेश को दिए। लोकेश ऑटो से अविनाश के घर पहुंचा, जहां अविनाश ने खुद पिस्तौल लेकर अपनी जांघ में गोली मारी। इसके बाद लोकेश वहां से निकल गया और कश्मीरी गेट पहुंचकर दीपक के साथ वापस हरियाणा लौट गया।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपित अविनाश चांदनी चौक इलाके में प्रॉपर्टी डीलर का काम करता है। दीपक भी सोनीपत में प्रॉपर्टी डीलर है, जबकि लोकेश दहिया किसान है। फिलहाल पुलिस हथियार की सप्लाई और मामले के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

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