350 बच्चों का स्कूल, शौचालय सिर्फ एक, खुले में शौच को मजबूर बच्चे

विद्यालय की तस्वीर

भागलपुर, 02 जुलाई (हि.स.)। बिहार में भागलपुर जिले के कहलगांव प्रखंड की एकचारी पंचायत स्थित मध्य विद्यालय रसलपुर की तस्वीर सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं के दावों की पोल खोल रही है।

करीब 350 बच्चों वाले इस विद्यालय में आज भी छात्र-छात्राएं शौचालय जैसी मूलभूत सुविधा के लिए तरस रहे हैं। हालत यह है कि तीन शौचालय पूरी तरह ध्वस्त हो चुके हैं, जबकि बचा हुआ एक शौचालय भी सुरक्षित नहीं है।

मजबूरी में लड़कों को सड़क पार कर खुले में शौच जाना पड़ता है, जिससे हर दिन दुर्घटना का खतरा बना रहता है। विद्यालय में कक्षा 1 से 8 तक की पढ़ाई होती है। कभी यहां चार शौचालय बने थे, लेकिन चारदीवारी नहीं होने के कारण असामाजिक तत्वों और आसपास के लोगों ने इसे क्षतिग्रस्त कर दिया।

अब पूरा स्कूल केवल एक असुरक्षित शौचालय के भरोसे चल रहा है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से छात्राएं और महिला शिक्षिकाएं करती हैं।

विद्यालय के शिक्षक भागीरथ पंडित ने बताया कि लड़कों के लिए शौचालय नहीं होने के कारण वे खुले में जाने को मजबूर हैं। कई छात्र शौचालय जाने के बहाने घर चले जाते हैं और देर तक वापस नहीं लौटते। कई बार सड़क पार करते समय बच्चे दुर्घटनाओं का शिकार भी हो चुके हैं।

उन्होंने कहा कि यदि विद्यालय में चारदीवारी होती तो सरकारी संपत्ति सुरक्षित रहती और यह स्थिति पैदा नहीं होती। आठवीं की छात्रा आयुषी कुमारी ने बताया कि स्कूल में बच्चों की संख्या अधिक है, लेकिन उपयोग योग्य शौचालय लगभग नहीं के बराबर है। जो शौचालय है, वहां पानी की भी समस्या है और वह विद्यालय के पिछले हिस्से में स्थित है, जहां से खेत शुरू हो जाते हैं। ऐसे में छात्राओं की सुरक्षा भी चिंता का विषय बनी हुई है।

आठवीं के छात्र प्रखर कुमार ने बताया कि जब वह पांचवीं कक्षा में थे, तभी से स्कूल में शौचालय की समस्या बनी हुई है। अब आठवीं में पहुंचने के बाद भी हालात नहीं बदले हैं। मजबूरन उन्हें सड़क पार कर खुले में जाना पड़ता है, जहां हमेशा दुर्घटना का डर बना रहता है।

विद्यालय के प्रधानाध्यापक अजीत कुमार ने बताया कि स्कूल में पहले शौचालय थे, लेकिन चारदीवारी नहीं होने के कारण उन्हें पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया। फिलहाल परिसर में मौजूद दोनों शौचालय सुरक्षित नहीं हैं। पिछले तीन वर्षों से विद्यालय शौचालय विहीन जैसी स्थिति में है।

इस संबंध में कई बार विभाग को लिखित जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। शौचालय ही नहीं, विद्यालय का एक भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है। मुख्य गेट के बाहर कचरे का अंबार लगा रहता है और आसपास अतिक्रमण भी हो गया है। चारदीवारी नहीं होने के कारण स्कूल में कई बार चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। शाम होते ही असामाजिक तत्व परिसर में घुसकर नशा करते हैं, जिससे विद्यालय का वातावरण खराब हो रहा है।

विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि इस गंभीर समस्या को कई बार विद्यालय शिक्षा समिति (वीईसी) और बीआरसी की बैठकों में उठाया गया तथा संबंधित अधिकारियों को लिखित आवेदन भी दिया गया, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला। इस मामले में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अजीत कुमार ने कहा, यह मामला आपके माध्यम से हमारे संज्ञान में आया है। विद्यालय की ओर से अब तक ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली थी। हम पूरे मामले की जांच कराएंगे और जो भी आवश्यक कार्रवाई होगी, वह की जाएगी।

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