खेतों की उर्वरता बचाने के लिए जैविक व संतुलित खेती अपनाएं : धर्मेंद्र कुमार
- DSS Admin
- Jun 09, 2026
कानपुर, 09 जून (हि.स.)। खेतों की सेहत और उपजाऊ क्षमता को बनाए रखने के लिए किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ना होगा। रासायनिक उर्वरकों का संतुलित उपयोग, मिट्टी की नियमित जांच और एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है। यह बातें मंगलवार को कानपुर मंडल के संयुक्त निदेशक कृषि धर्मेंद्र कुमार ने खेत बचाओ अभियान के तहत आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में कहीं।
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अधीन संचालित कृषि विज्ञान केंद्र दिलीपनगर और कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में विकासखंड मैथा के ग्राम औरंगाबाद एवं पाण्डेय निवादा में खेत बचाओ अभियान के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिक डॉ. खलील खान ने किसानों को मिट्टी की सेहत सुधारने, जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने तथा रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग के बारे में जानकारी दी। उन्होंने किसानों को अपने खेतों की मिट्टी की जांच कराकर रिपोर्ट के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने की सलाह दी। साथ ही अत्यधिक यूरिया और डीएपी के उपयोग से होने वाले नुकसान की जानकारी देते हुए एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन की तकनीकों पर प्रशिक्षण दिया।
डॉ. खान ने जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत, हरी खाद जैसे सनई और ढैंचा तथा वर्मीकम्पोस्ट के निर्माण और उपयोग के तरीकों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन उपायों से मिट्टी की उर्वरता बढ़ाई जा सकती है और उत्पादन लागत कम की जा सकती है।
मुख्य अतिथि धर्मेंद्र कुमार ने किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड और फसल बीमा योजना जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने खेतों में नमी बनाए रखने और भूजल स्तर के संरक्षण के लिए उन्नत सिंचाई तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में बीज गोदाम प्रभारी दीपक कुमार, शीलेश कटियार, प्राविधिक सहायक दीपक राजपूत तथा प्रगतिशील किसान चरण सिंह, अशोक कुमार, बबलू सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

