ग्राम पंचायत आड़ावाल में ठोस कचरा प्रबंधन पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

जगदलपुर, 06 जून (हि.स.)। विकासखंड जगदलपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत आड़ावाल में स्वच्छता और सतत विकास की दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए सरपंच की अध्यक्षता में 'ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2026' के अंतर्गत एक वृहद जन-जागरूकता एवं सामूहिक शपथ कार्यक्रम का आज शनिवर काे आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामवासियों को स्रोत स्तर पर ही कचरे के सही पृथक्करण, उसके सुरक्षित निपटान तथा एक स्वच्छ एवं सतत ग्राम निर्माण के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय दुकानदारों को एक विशेष डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से कचरा प्रबंधन की बारीकियों से रूबरू कराया गया, जिसमें गीला कचरा, सूखा कचरा, घरेलू हानिकारक कचरा तथा सैनिटरी कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में एकत्रित करने की वैज्ञानिक प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया। साथ ही, इस पृथक किए गए कचरे के उचित संग्रहण और प्रबंधन से पर्यावरण व समाज को होने वाले दूरगामी लाभों पर भी विस्तृत चर्चा की गई।

इसी कड़ी में स्वच्छ भारत मिशन के जिला समन्वयक ने ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2026 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि इन नियमों का उल्लंघन करने पर ग्राम पंचायत द्वारा नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है, जिसके तहत सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फैलाना, खुले में कचरा जलाना और निर्धारित व्यवस्था के अनुसार कचरे का पृथक्करण नहीं करना दंडनीय माना जाएगा। ग्रामीणों के व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाने और उनकी सहभागिता बढ़ाने के लिए कार्यक्रम में मैच कोर्ट नामक एक बेहद रोचक गतिविधि का संचालन भी किया गया, जिसके अंतर्गत टीम ने सीधे दुकानों और घरों में संपर्क कर लोगों को चारों प्रकार के कचरे की पहचान, उनके सही अलगाव और उचित निपटान के व्यावहारिक तरीकों से जोड़ा।

कार्यक्रम के समापन पर सरपंच की उपस्थिति में सभी ग्रामवासियों और जनप्रतिनिधियों को स्वच्छता, कचरा पृथक्करण एवं पर्यावरण संरक्षण हेतु सामूहिक शपथ दिलाई गई, जहां सबने अपने घरों व आसपास के परिवेश को स्वच्छ रखने का संकल्प लिया। इस पूरे आयोजन में जनपद पंचायत के विकास खण्ड समन्वयक, वार्ड पंचगण, ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि, सृष्टि वेस्ट मैनेजमेंट के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे। जिन्होंने 'स्वच्छ गांव–स्वस्थ पर्यावरण' के इस महत्वपूर्ण संदेश को जन-जन तक पहुंचाने में अपना अमूल्य योगदान दिया।

   

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