झाबुआ, 07 जुलाई (हि.स.)। मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले में नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध संचालित विशेष अभियान ऑपरेशन प्रहार के तहत पुलिस द्वारा सख्त कार्रवाई करते हुए पी आई टी, एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत एक आदतन नशा तस्कर को 06 माह के लिए केंद्रीय जेल, भोपाल निरुद्ध कराने की कार्रवाई सुनिश्चित की गई है।
उक्त कार्रवाई के संबंध में जानकारी देते हुए जिला पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार ने मंगलवार को बताया कि जिले में मादक पदार्थों के अवैध व्यापार, क्रय-विक्रय एवं परिवहन में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में नशा तस्करी में संलिप्त थाना कोतवाली, झाबुआ क्षेत्र के निवासी अमरा उर्फ अमरिया उर्फ अमरसिंह पुत्र बदिया डामोर, निवासी ग्राम बावड़ी माफी, तहसील झाबुआ को आयुक्त इंदौर संभाग द्वारा 06 माह की अवधि के लिए निरुद्ध कर केंद्रीय जेल, भोपाल में रखने के आदेश जारी किए हैं। एसपी के अनुसार आरोपी के विरुद्ध विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर आयुक्त, इंदौर संभाग, डॉ. सुदामा खाड़े के अवलोकनार्थ प्रस्तुत किया गया था, जिस पर उनके द्वारा उक्त आदेश जारी किया गया।
एसपी ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध थाना कोतवाली, झाबुआ में एन.डी.पी.एस. एक्ट की धारा 8/20 के अंतर्गत वर्ष 2025 एवं वर्ष 2026 में एक-एक अपराध पंजीबद्ध है, तथा आरोपी के लगातार आपराधिक रिकॉर्ड तथा भविष्य में पुनः नशा तस्करी में संलिप्त होने की प्रबल संभावना को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस अधीक्षक द्वारा तैयार प्रतिवेदन जिला दण्डाधिकारी, झाबुआ के माध्यम से आयुक्त, इंदौर संभाग को प्रेषित किया गया। प्रकरण का परीक्षण करने के उपरांत आयुक्त, इंदौर संभाग, डॉ. सुदामा खाड़े ने पुलिस द्वारा प्रस्तुत तथ्यों एवं अभिलेखों को गंभीर एवं न्यायोचित मानते हुए स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ अवैध व्यापार निवारण अधिनियम, 1988 (PIT-NDPS Act) की धारा 3(1) के अंतर्गत आरोपी अमरसिंह को आदेश दिनांक से 06 माह की अवधि के लिए निरुद्ध कर केंद्रीय जेल, भोपाल में रखने के आदेश जारी किए हैं।
एसपी ने कहा कि उक्त कार्रवाई में स्पष्ट संदेश निहित है कि नशे के कारोबार में संलिप्त आदतन अपराधियों के विरुद्ध केवल सामान्य कानूनी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर कठोर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। झाबुआ पुलिस का उद्देश्य केवल अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई करना नहीं, बल्कि जिले के युवाओं को नशे के दुष्चक्र से बचाकर सुरक्षित एवं स्वस्थ समाज का निर्माण करना भी है।
उल्लेखनीय है कि यह कानून विशेष रूप से ऐसे आदतन नशा तस्करों पर लागू किया जाता है, जो बार-बार मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त पाए जाते हैं तथा जमानत पर रिहा होने के बाद पुनः उसी प्रकार के अपराध में लिप्त हो जाते हैं। इस अधिनियम का उद्देश्य केवल अपराधियों को दंडित करना नहीं, बल्कि समाज एवं विशेषकर युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव से बचाना तथा अपराध की पुनरावृत्ति को रोकना है।
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