कानपुर प्राणि उद्यान में वृद्ध मादा भालू की मौत, कई रोगों से थी ग्रसित

कानपुर, 14 अगस्त (हि.स.)। कानपुर प्राणि उद्यान में रह कर कभी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बनी रहने वाली वृद्ध मादा भालू राधा ने 29 वर्ष की आयु में गुरुवार को अपने प्राण त्याग दिए। वह अपनी औसत आयु 25 से अधिक जीवित रही, वह वृद्धावस्था के कारण कई रोगों से ग्रसित थी। माैत व उसके कारणाें की पुष्टि गुरुवार को चिड़ियाघर के निदेशक डॉ कन्हैया पटेल ने की।

कानपुर प्राणि उद्यान में अपनी कलाबाजी व मासूमियत से दर्शकों का ध्यान आकर्षित करने वाली बुजुर्ग मादा भालू राधा ने दुनिया को अलविदा कह दिया। पिछले कुछ दिनों से उसने भोजन और जल पूरी तरह से त्याग दिया था। जिससे वह काफी कमजोर हो गई थी। यही नहीं बढ़ती उम्र के चलते उसके चारों पैर लकवाग्रसित हो गए थे। जिससे वह अपने शरीर को स्वयं से उठा व पलट भी नहीं पा रही थी।

बीमार मादा भालू की देखभाल के लिए चिड़ियाघर प्रशासन की ओर से उसका भरपूर ध्यान रखा जा रहा था। बाड़े की देख-रेख करने वाले कर्मचारियों द्वारा समय-समय पर उसे दवा और खाना भी दिया जाता था लेकिन बढ़ती हुई उम्र और बीमारियों के चलते वह कुछ भी खा पी नहीं रही थी। जिससे दिन पर दिन उसकी हालत गिरती चली गई और आखिरकार 29 वर्ष की आयु में आज उसने दम तोड़ दिया।

हालांकि की भालू की औसत आयु 25 वर्ष की होती है लेकिन उसने अपनी औसत आयु को पार करते हुए 29 साल की उम्र में प्राण त्यागे हैं। वहीं प्राणि उद्यान के निदेशक कन्हैया पटेल ने राधा (मादा भालू) की मौत पर गहरा दुख प्रकट किया है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

   

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