राजुवास का 17वां स्थापना दिवस मनाया

बीकानेर, 18 मई (हि.स.)। राजस्थान पशुचिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (राजुवास), बीकानेर का 17वां स्थापना दिवस सोमवार को कुलगुरु डॉ. सुमंत व्यास की अध्यक्षता में मनाया गया।

कुलगुरु डॉ. सुमंत व्यास ने स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राजस्थान की अर्थव्यवस्था में पशुपालन का महत्वपूर्ण योगदान है, इसलिए पशुपालकों की सेवा करना पशुचिकित्सकों का प्रमुख दायित्व होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजुवास विकास की नई संभावनाओं की ओर अग्रसर है तथा इस गति को बनाए रखने के लिए विश्वविद्यालय को नवीन शोध कार्यों और उपलब्ध संसाधनों के समुचित उपयोग के प्रति संकल्पित रहना होगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों के संगठित एवं सुनियोजित प्रयासों तथा कठिन परिश्रम से विश्वविद्यालय का सफल संचालन संभव हो पाया है। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक, वित्तीय और राष्ट्रीय स्तर की नई शोध परियोजनाओं में विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को उच्च अध्ययन और गुणवत्तापूर्ण कार्यों के लिए प्रेरित किया। साथ ही कर्मचारियों और विद्यार्थियों से निरंतर प्रगति के लिए प्रयासरत रहने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में अधिष्ठाता वेटरनरी महाविद्यालय, बीकानेर प्रो. बी.एन. श्रृंगी ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय की प्रगति का वास्तविक मानक उसके विद्यार्थियों का सफल विकास होता है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव पंकज शर्मा ने स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के अंत में निदेशक प्रसार शिक्षा प्रो. राजेश कुमार धूड़िया ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

इस अवसर पर अधिष्ठाता डेयरी महाविद्यालय प्रो. राहुल सिंह पाल, निदेशक क्लिनिक प्रो. प्रवीण बिश्नोई, निदेशक पी.एम.ई. प्रो. मनीषा माथुर, परीक्षा नियंत्रक डॉ. सुनीता पारीक, प्रभारी निदेशक कार्य डॉ. नरेन्द्र सिंह, समन्वयक पी.आर.सी. डॉ. देवी सिंह, आकाशवाणी, बीकानेर से सहायक निदेशक मीनाक्षी मलिक, कार्यक्रम अधिशाषी बरखा थानवी व्यास, रेवंत राम लेघा एवं गोपाल उपाध्याय सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अशोक गौड़ ने किया।

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