दो साल से हमीरपुर मेडिकल कॉलेज तैयार, फिर जनता को क्यों नहीं किया जा रहा समर्पित : अनुराग सिंह ठाकुर
- DSS Admin
- Jun 11, 2026
हमीरपुर, 11 जून (हि.स.)। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने गुरुवार को जोलसप्पड़ स्थित निर्माणाधीन डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया तथा निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। इस अवसर पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने मेडिकल कॉलेज परियोजना में हो रही लगातार देरी पर गंभीर चिंता व्यक्त की।
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि बड़ी मुश्किल से केंद्र सरकार से हमीरपुर के लिए मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति दिलवाई गई थी। लगभग 300 करोड़ रुपये की इस महत्वपूर्ण परियोजना को पूरा होने में अब 10 वर्ष लगने वाले हैं। जनता यह जानना चाहती है कि आखिर कौन लोग इस परियोजना में लगातार रुकावट बनते रहे और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज के भवन लगभग दो वर्ष पूर्व ही बनकर लगभग तैयार हो चुके हैं, लेकिन आज तक न तो यहां 600 विद्यार्थियों के लिए नियमित कक्षाएं शुरू हो पाई हैं और न ही जनता के लिए ओपीडी सेवाएं आरंभ की गई हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब आधारभूत ढांचा तैयार है तो फिर कॉलेज को शुरू करने में आखिर किस बात की देरी हो रही है।
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि वर्ष 2017 में इस मेडिकल कॉलेज की नींव रखी गई थी, लेकिन प्रारंभिक चरण में तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा भूमि उपलब्ध कराने में विलंब किया गया। उन्होंने कहा कि पहले वीरभद्र सिंह सरकार ने जमीन उपलब्ध नहीं करवाई और अब प्रदेश में फिर कांग्रेस की सरकार है, लेकिन इसके बावजूद मेडिकल कॉलेज का कार्य पूर्ण नहीं हो पा रहा है। आखिर ऐसी कौन सी बाधाएं हैं जो इस महत्वपूर्ण परियोजना को जनता को समर्पित होने से रोक रही हैं?
उन्होंने कहा कि हमीरपुर सहित आसपास के जिलों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से यह मेडिकल कॉलेज स्वीकृत कराया गया था। यदि इसी प्रकार परियोजनाओं में वर्षों तक देरी होती रही तो जनता को उनका वास्तविक लाभ कब मिलेगा, यह एक बड़ा प्रश्न है।
अनुराग सिंह ठाकुर ने प्रदेश सरकार से मेडिकल कॉलेज के शेष कार्यों को शीघ्र पूरा कर संस्थान को जनता के लिए समर्पित करने की मांग करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े ऐसे महत्वपूर्ण संस्थानों को राजनीतिक उदासीनता और प्रशासनिक देरी का शिकार नहीं बनने दिया जाना चाहिए।
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