डीएम ने 68 पंचायत सचिवों को किया निलंबित, सरकारी योजनाओं और जनगणना कार्य बाधित का आरोप
- DSS Admin
- May 26, 2026
अररिया 26 मई(हि.स.)। जिलाधिकारी विनोद दूहन ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए जिले के 68 पंचायत सचिवों को निलम्बित कर दिया है। इन पंचायत सचिवों पर सरकारी योजनाओं और जनगणना कार्य बाधित करने का आरोप है। सभी पंचायत सचिव लंबे समय से अपने कर्तव्य स्थल से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित एवं अनिश्चितकालीन हड़ताल पर थे।
डीएम ने सोमवार देर शाम कार्यालय आदेश निकालकर सबों को निलम्बित किया। जारी आदेश के अनुसार, स्पष्ट किया गया कि संबंधित पंचायत सचिवों का लंबे समय से अनुपस्थित रहना सरकारी कार्यों में बाधा उत्पन्न करना तथा सरकार एवं वरीय अधिकारियों के आदेश की अवहेलना करना है, जो बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976 के नियम 3(1) का उल्लंघन है।डीएम ने बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 9(1)(क) के तहत 68 पंचायत सचिवों को निलम्बित किया है। निलंबन अवधि में अररिया प्रखंड में पदस्थापित पंचायत सचिव का मुख्यालय नरपतगंज, रानीगंज का कुर्साकांटा,कुर्साकांटा का भरगामा, फारबिसगंज का जोकीहाट, सिकटी का भरगामा,नरपतगंज का पलासी, जोकीहाट का फारबिसगंज, पलासी का अररिया एवं भरगामा का सिकटी प्रखंड मुख्यालय निर्धारित किया गया है।
निलंबन अवधि के दौरान संबंधित पंचायत सचिवों को नियम के तहत केवल जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। सभी बीडीओ को डीएम ने निर्देश दिया है कि संबंधित पंचायत सचिवों के खिलाफ विहित प्रपत्र में आरोप पत्र तैयार कर एसडीओ के माध्यम से जिला पंचायत राज कार्यालय में उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाय।
जारी आदेशानुसार पंचायत सचिवों की अनुपस्थिति के कारण जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत करने, वंशावली बनाने, सामाजिक सुरक्षा पेंशन सत्यापन, षष्ठम राज्य वित्त आयोग एवं 15 वीं केंद्रीय वित्त आयोग योजनाओं के क्रियान्वयन, मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना सहित पंचायत स्तर के दैनिक कार्यों पर प्रतिकूल असर पड़ा। इसके साथ ही भारत की जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य भी बाधित हो रहे थे।
पंचायत सचिवों की लगातार अनुपस्थिति से आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इसको लेकर आदेश ज्ञापांक-985/जि.पं., दिनांक 29 अप्रैल 2026 के माध्यम से हड़ताल पर रहने वाले पंचायत सचिवों से तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन संबंधित कर्मियों द्वारा कोई जवाब उपलब्ध नहीं कराया गया। सभी बीडीओ द्वारा भी बताया गया था कि संबंधित पंचायत सचिव अब तक अपने कार्यस्थल पर उपस्थित नहीं हैं।

