चिकित्सकों ने अवेक ब्रेन सर्जरी से 29 वर्षीय मरीज की बोलने की क्षमता बचाई
- DSS Admin
- Jun 07, 2026
जयपुर, 07 जून (हि.स.)। नारायणा हॉस्पिटल जयपुर के न्यूरोसर्जरी विभाग ने अत्यंत जटिल और संवेदनशील ब्रेन ट्यूमर के एक मामले में सफलता हासिल करते हुए 29 वर्षीय और मरीज की बोलने की क्षमता को सुरक्षित रखा है। मरीज के मस्तिष्क के उस हिस्से में ट्यूमर था, जो सीधे तौर पर बोलने और संवाद करने की क्षमता को नियंत्रित करता है। ऐसे चुनौतीपूर्ण मामले में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अत्याधुनिक ‘अवेक ब्रेन सर्जरी’ तकनीक का उपयोग कर सफल उपचार किया।
अस्पताल के अनुसार ट्यूमर मस्तिष्क के स्पीच डॉमिनेंट एरिया में स्थित था। सामान्य सर्जरी की स्थिति में मरीज की बोलने की क्षमता स्थायी रूप से प्रभावित होने का खतरा था। मरीज दूसरों की बात समझ सकता था, लेकिन अपनी बात स्पष्ट रूप से व्यक्त करने में कठिनाई महसूस कर रहा था।
सर्जरी के दौरान मरीज को पूरी तरह बेहोश नहीं किया गया। ऑपरेशन के समय वह होश में रहा और चिकित्सकों की टीम उससे लगातार बातचीत करती रही। मरीज को पढ़ने, सवालों के जवाब देने और विभिन्न प्रतिक्रियाएं देने के लिए कहा गया, जिससे सर्जन वास्तविक समय में यह सुनिश्चित कर सकें कि मस्तिष्क का स्पीच एरिया सुरक्षित बना रहे।
नारायणा हॉस्पिटल जयपुर के वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ. के.के. बंसल ने बताया कि ऐसे मामलों में अवेक ब्रेन सर्जरी सबसे सुरक्षित विकल्प मानी जाती है। इससे ऑपरेशन के दौरान मरीज से लगातार संवाद संभव होता है और स्पीच सहित अन्य न्यूरोलॉजिकल कार्यों को सुरक्षित रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस सर्जरी की सफलता में सही मरीज का चयन, विस्तृत प्री-ऑपरेटिव काउंसलिंग और विशेषज्ञ टीम का समन्वित प्रयास महत्वपूर्ण रहा।
क्लीनिकल डायरेक्टर एवं एचओडी कार्डियक एनेस्थिसियोलॉजी डॉ. प्रदीप कुमार गोयल ने बताया कि अवेक ब्रेन सर्जरी में एनेस्थीसिया प्रबंधन अत्यंत संवेदनशील होता है। मरीज को आरामदायक स्थिति में रखते हुए उसे पूरी तरह रिस्पॉन्सिव बनाए रखना बड़ी जिम्मेदारी होती है। उन्नत मॉनिटरिंग तकनीकों और मल्टीडिसिप्लिनरी टीम के समन्वय से पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित रूप से संपन्न किया गया।
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