बरेली परिक्षेत्र में साइबर अपराधियों पर शिकंजा, छह माह में 72 गिरफ्तार- करोड़ों रुपये कराए होल्ड

बरेली, 18 मई (हि.स.) । साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए बरेली परिक्षेत्र पुलिस ने पिछले छह महीनों में बड़ी कार्रवाई करते हुए 72 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान विभिन्न साइबर ठगी मामलों में सात करोड़ 24 लाख रुपये से अधिक की धनराशि होल्ड कराई गई, जबकि एक करोड़ रुपये से अधिक रकम पीड़ितों को वापस दिलाई गई। पुलिस उपमहानिरीक्षक अजय कुमार साहनी के निर्देशन में बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर में लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

पुलिस के अनुसार एक नवंबर 2025 से 30 अप्रैल 2026 तक साइबर अपराध से जुड़े 506 मुकदमे दर्ज किए गए। इस दौरान 8697 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 6103 का निस्तारण किया जा चुका है। पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल सर्विलांस के जरिए कई गिरोहों का पर्दाफाश किया।

सबसे बड़ी कार्रवाई 25 फरवरी 2026 को दर्ज एनसीआरपी शिकायत की जांच में सामने आई। थाना साइबर क्राइम बरेली पुलिस ने रेलवे जंक्शन क्षेत्र से अंतर्राज्यीय मोबाइल चोर और साइबर अपराधी गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से करीब 15 लाख रुपये कीमत के 45 चोरी के मोबाइल फोन बरामद हुए। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपित भीड़भाड़ वाले इलाकों से मोबाइल चोरी कर यूपीआई के जरिए लोगों के खातों से रकम ट्रांसफर करते थे। चोरी के मोबाइल अन्य राज्यों के साइबर अपराधियों तक पहुंचाए जाते थे।

वहीं बदायूं में फर्जी कॉल सेंटर चलाकर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का भी भंडाफोड़ किया गया। थाना कोतवाली क्षेत्र की नई सराय में छापेमारी कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने मौके से लैपटॉप, प्रिंटर, स्मार्टफोन, 23 सिम कार्ड समेत अन्य उपकरण बरामद किए। गिरोह पर करीब साढ़े चार लाख रुपये की साइबर ठगी करने का आरोप है।

साइबर अपराधों से बचाव के लिए परिक्षेत्र में 2166 जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। डीआईजी अजय कुमार साहनी ने साेमवार काे जानकारी देते हुए लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, कॉल या लालच देने वाले ऑफर पर भरोसा न करें। ओटीपी और बैंकिंग जानकारी साझा करने से बचें तथा साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

   

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