मुफ्त बिजली के वादे से महंगे बिलों तक कांग्रेस ने जनता पर डाला बोझ: भाजपा
- DSS Admin
- May 23, 2026
शिमला, 23 मई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में बिजली दरों और सब्सिडी को लेकर विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस सरकार पर हमला बोला है। भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक कर्ण नंदा ने शनिवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि कांग्रेस सरकार अपने चुनावी वादों से पीछे हट गई है और अब प्रदेश की जनता को महंगे बिजली बिलों का सामना करना पड़ रहा है।
कर्ण नंदा ने कहा कि कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के दौरान 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा किया था, लेकिन सरकार बनने के बाद यह वादा पूरा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली दे रही थी, जबकि अब लोगों को हर महीने भारी बिजली बिल भरने पड़ रहे हैं।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार लगातार बिजली दरों में बढ़ोतरी कर रही है। उनके मुताबिक सितंबर 2023 में बड़े उद्योगों पर बिजली ड्यूटी 11 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत की गई और जनवरी 2024 में इसे बढ़ाकर 37.5 प्रतिशत कर दिया गया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 में व्यवसायिक उपभोक्ताओं पर एक रुपये प्रति यूनिट अतिरिक्त बिजली सेस भी लगाया गया है। इसका असर होटल, मॉल, निजी अस्पताल, पेट्रोल पंप और कोचिंग सेंटर जैसे संस्थानों पर पड़ा है।
कर्ण नंदा ने कहा कि पहले 125 यूनिट तक बिजली मुफ्त मिलती थी, लेकिन अब उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 5.44 रुपये तक भुगतान करना पड़ रहा है। वहीं 126 से 300 यूनिट तक बिजली की दर 5.89 रुपये प्रति यूनिट हो गई है। उनका कहना है कि इससे आम लोगों के बिजली बिल हजारों रुपये तक पहुंच रहे हैं और न्यूनतम बिल भी करीब 750 रुपये तक हो गया है।
उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा असर किराए के मकानों में रहने वाले लोगों, विद्यार्थियों, मजदूरों, नौकरीपेशा और आउटसोर्स कर्मचारियों पर पड़ा है। भाजपा का आरोप है कि सरकार ने दो मीटर से अधिक वाले घरों की बिजली सब्सिडी बंद कर दी है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। उन्होंने कहा कि पीजी और किराए के कमरों में रहने वाले विद्यार्थियों और कर्मचारियों को भी अब बिना सब्सिडी के बिजली बिल भरने पड़ रहे हैं।
भाजपा नेता ने राज्य सरकार पर केंद्र से मिलने वाले फंड के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ‘प्राइड ऑफ हिल्स’ योजना के तहत हिमाचल प्रदेश को बड़ी आर्थिक सहायता मिली है, लेकिन राज्य सरकार उस राशि का इस्तेमाल विकास कार्यों के बजाय अपनी गारंटियों को पूरा करने में कर रही है।
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