प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेक इन इंडिया, मेड इन इंडिया और वोकल फॉर लोकल की नीति पर कर रहे है विशेष फोकस: मदन राठौड़

जयपुर, 14 फ़रवरी (हि.स.)। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेक इन इंडिया, मेड इन इंडिया नीति पर लगातार सतत रूप से कार्यरत है। मोदी का उद्देश्य मात्र सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग धंधों को विकसित कर व्यापारियों को सीधे लाभ पहुंचाना है। इस के तहत वोकल फॉर लोकल मुहिम भी चलाई जा रही है। मोदी के नेतृत्व में खादी और ग्रामोद्योग आयोग की ओर से खादी के प्रचार—प्रसार, उत्पादों की प्रदर्शनी तथा बिक्री की दिशा में भी लगातार प्रयास किए जा रहे है। मोदी सरकार ने ना केवल प्रचार प्रसार को बढ़ावा दिया, बल्कि खादी के कारीगरों की आय बढ़ाने की दिशा में कदम उठाते हुए कताई मजदूरी में 25 फीसदी की वृद्धि तथा खादी वस्त्रों की बुनाई मजदूरी में 7 प्रतिशत तक की वृद्धि करने का कार्य भी किया है। राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ के सवाल के जवाब में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने सदन में यह जानकारी दी।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने बताया कि खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग की ओर से खादी के प्रचार—प्रसार के लिए ​साल भर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करता है। आयोग की ओर से भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला, मुंबई के खादी उत्सव, राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय प्रदर्शनी तथा जिला स्तरीय प्रदर्शनियों में ग्रामोद्योग इकाइयों की भागीदारी सुनिश्चित करता है। इसके साथ ही प्रत्येक वित्तीय वर्ष की शुरूआत में आयोग की ओर से प्रदर्शनी कार्यक्रम तैयार कर वेबसाइट पर अपलोड करता है। प्रत्येक वर्ष के अक्टूबर माह में एक माह तक चलने वाला खादी महोत्सव देश के प्रदेश राज्य में विभिन्न स्थानों पर आयोजित किया जाता है। खादी इंडिया उत्पादों के विज्ञापन और प्रचार अभियान के तहत राज्य परिवहन बसों, मेट्रो, लोकल वाहनों, रेलवे सहित मीडिया के माध्यम से ग्राहकों तक विशेष आफर की जानकारी पहुंचाने का कार्य भी करता है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने बताया कि मोदी सरकार ने कताई मजदूरी में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की। इसके साथ ही सूती खादी, ऊनी खादी, पॉलीवस्त्र के लिए बुनाई पर 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी की। वहीं कपास, उनी, पॉलीवस्त्रों के खादी संस्थानों के कारीगरों को एमएमडीए का 35 प्रतिशत प्रोत्साहन के रूप में मुहैया कराने का फैसला किया गया। इसके साथ ही खादी की वैश्विक पहुंच बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान नई दिल्ली के साथ अहमदाबाद, बेंगलुरू, कोलकाता और शिलांग में बेंचमार्क डिजाइन प्रक्रिया की स्थापना करना करने का कार्य भी किया गया है। इसके साथ ही खादी उत्पादों की ब्रिकी बढ़ाने के लिए विभिन्न अवसरों तथा त्योहारों पर विशेष छूट की जाती है। मोदी सरकार द्वारा स्थानीय प्रोडेक्ट को बेहतर प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने के साथ स्थानीय कारीगरों को लाभ पहुंचाने के लिए इस तहर के प्रयास किए जा रहे है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

   

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