वेतन न मिलने से बालुरघाट में सफाई कर्मियों का आंदोलन, काम ठप होने से शहर में गंदगी का अंबार

दक्षिण दिनाजपुर, 14 जनवरी (हि. स.)। बालुरघाट में नए साल का आधा महीना बीतने के बावजूद वेतन न मिलने से नगर पालिका के सफाई कर्मी आंदोलन पर उतर आए है। अभिभावक विहीन हो चुकी बालुरघाट नगरपालिका की प्रशासनिक अचल स्थिति के कारण मजदूरी नहीं मिलने से नाराज सफाई कर्मियों ने बुधवार सुबह से नगरपालिका कार्यालय के सामने काम बंद कर जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

सफाईकर्मियों के काम बंद करते ही पूरे शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर जमा हो गए है, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

नगरपालिका सूत्रों के अनुसार, 19 दिसंबर को तत्कालीन चेयरमैन अशोक मित्रा के खिलाफ 14 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव लाया था। इसके बाद दस जनवरी को चेयरमैन का पद रिक्त हो गया। वहीं पिछले तीन वर्षों से उपाध्यक्ष (वाइस चेयरमैन) का पद भी खाली है। नतीजतन फिलहाल नगर पालिका में कोई प्रशासनिक प्रमुख नहीं है और इसी प्रशासनिक जटिलता के चलते सफाई कर्मियों का मानदेय और वेतन अटक गया है।

आंदोलनरत कर्मचारियों का आरोप है कि हर महीने उन्हें वेतन मिलने में देरी होती है, लेकिन इस बार हालात बेहद गंभीर हो गए हैं।

एक आक्रोशित सफाईकर्मी ने कहा कि मकर संक्रांति पर पिठे-पुली तो दूर, परिवार के लिए दो वक्त की रोटी जुटाना भी मुश्किल हो गया है।

ऐसे में यह सवाल बना हुआ है कि यह गतिरोध कब खत्म होगा और शहर की सफाई व्यवस्था कब पटरी पर लौटेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार

   

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