काजरी ने एक माह में दस हजार से अधिक किसानों को किया जागरूक
- DSS Admin
- Jul 03, 2026
जोधपुर, 03 जुलाई (हि.स.)। भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के तत्वावधान में एक से तीस जून तक चलाए गए देशव्यापी खेत बचाओ अभियान के तहत केन्द्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (काजरी), जोधपुर ने राजस्थान, गुजरात व लद्दाख में व्यापक किसान जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर 10013 से अधिक किसानों एवं कृषि हितधारकों को वैज्ञानिक खेती के प्रति जागरूक किया।
अभियान का मुख्य उद्देश्य मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग, जल एवं प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण तथा टिकाऊ एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना रहा। अभियान का प्रमुख संदेश कम खाद, सही खाद, सही सलाह रहा।
अभियान का शुभारंभ जोधपुर के डोली गांव में काजरी के निदेशक डॉ. हनुमान सहाय जाट के सान्निध्य में हुआ। इसमें काजरी मुख्यालय, क्षेत्रीय अनुसंधान केन्द्रों एवं कृषि विज्ञान केन्द्रों ने कृषि एवं उद्यानिकी विभाग, आत्मा, नाबार्ड, आकाशवाणी, आईसीआईसीआई-आरसेटी, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) सहित विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से राजस्थान के जोधपुर, पाली, बीकानेर, जैसलमेर, नागौर, गुजरात के कच्छ तथा लद्दाख के लेह क्षेत्र में कुल 186 कार्यक्रम आयोजित किए।
अभियान के प्रभावी प्रचार-प्रसार के लिए व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स, यूट्यूब और आकाशवाणी जैसे विभिन्न संचार माध्यमों का उपयोग किया गया। व्हाट्सएप के माध्यम से करीब 4000 किसानों तक वैज्ञानिक कृषि संदेश पहुंचाए गए, जबकि वैज्ञानिकों ने 16 से अधिक रेडियो वार्ताओं के जरिए भी किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी।
वैज्ञानिक खेती व सरकारी योजनाओं की दी जानकारी
अभियान के दौरान किसानों को मृदा परीक्षण आधारित संतुलित उर्वरक उपयोग, जल एवं मृदा संरक्षण, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, एकीकृत पोषक तत्व एवं कीट प्रबंधन, जलवायु-अनुकूल कृषि तथा नवीन वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी दी गई। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन एवं अन्य सरकारी योजनाओं की भी जानकारी प्रदान की गई। खाद एवं बीज विक्रेताओं, एफपीओ और एसएचजी सदस्यों के लिए विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए तथा संतुलित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा देने के लिए 500 से अधिक कृषि आदानों का वितरण किया गया।

