अचानक स्कूल पहुंचे सीडीओ, बच्चों से पूछे सवाल और परखी पढ़ाई

कानपुर, 18 मई (हि.स.)। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। विद्यालयों का माहौल ऐसा होना चाहिए जहां बच्चे पढ़ाई के प्रति प्रेरित हों और उन्हें बेहतर सुविधाएं मिल सकें। डिजिटल संसाधनों और स्मार्ट क्लास का प्रभावी उपयोग कर बच्चों की शिक्षा को और बेहतर बनाया जाना चाहिए। यह बातें सोमवार को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिनव जे. जैन ने सोमवार को मसवानपुर स्थित विद्यालयों में पहुंचकर कही।

निपुण भारत मिशन की जमीनी स्थिति देखने के लिए मुख्य विकास अधिकारी बेसिक शिक्षा अधिकारी सुरजीत कुमार सिंह के साथ कंपोजिट विद्यालय मसवानपुर और प्राइमरी विद्यालय मसवानपुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बच्चों से सवाल पूछकर उनके सीखने के स्तर को परखा और शिक्षकों से पढ़ाई तथा विद्यालय संचालन को लेकर जानकारी ली।

कंपोजिट विद्यालय मसवानपुर में 270 नामांकित छात्रों में से 239 और प्राइमरी विद्यालय मसवानपुर में 101 छात्रों में से 85 छात्र उपस्थित मिले। मुख्य विकास अधिकारी ने मध्याह्न भोजन, डीबीटी, डिजिटल कक्षाओं और ऑपरेशन कायाकल्प के तहत कराए गए कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने विद्यालय परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।

सीडीओ ने विद्यालय में उपलब्ध डिजिटल संसाधनों और स्मार्ट क्लास के उपयोग को भी देखा। लर्निंग बाई डूइंग प्रयोगशाला में बच्चों से संवाद कर उनकी गतिविधियों की जानकारी ली। बच्चों की सहभागिता और उत्साह की सराहना करते हुए उन्होंने शिक्षकों को शैक्षिक गुणवत्ता लगातार बेहतर करने के लिए प्रेरित किया।

इस दौरान निपुण सेल की सदस्या स्नेहा पांडेय ने मिशन के अंतर्गत संचालित विभिन्न शैक्षणिक पहलों की जानकारी दी। मुख्य विकास अधिकारी ने शिक्षक संदर्शिका, निपुण प्लस ऐप, एआरपी विजिट्स और सहयोगात्मक पर्यवेक्षण की भी समीक्षा की। उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी को सभी व्यवस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग कराने के निर्देश दिए।

   

सम्बंधित खबर