हर घर में पढ़ाई का एक कोना हो, तभी बच्चे आगे बढ़ेंगे : राज्यपाल डेका

बैगा विद्यार्थियों और महिलाओं से मिले राज्यपाल, शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर दिया जोर

कबीरधाम 17 मई (हि.स.)। राज्यपाल रमेन डेका ने आज कबीरधाम जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र ग्राम ढोलबज्जा पहुंचकर बैगा विद्यार्थियों और बैगा महिला स्व-सहायता समूहों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से उनके सपनों, पढ़ाई और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

राज्यपाल डेका ने कहा कि हर घर में एक कोना सिर्फ पढ़ाई के लिए होना चाहिए। तभी बच्चे शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ पाएंगे। उन्होंने अभिभावकों से कहा कि भले ही वे स्वयं स्कूल नहीं जा पाए हों, लेकिन अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा के लिए जरूर स्कूल भेजें। उन्होंने शिक्षा दूत के रूप में कार्य कर रहे शिक्षकों और युवाओं से कहा कि वे ड्रॉप आउट बच्चों को भी फिर से स्कूल से जोड़ने का प्रयास करें। उन्होंने विद्यार्थियों को घर और आसपास साफ-सफाई रखने के लिए जागरूक किया और कहा कि नई पीढ़ी को स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति सजग बनाना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन योजना का उद्देश्य विशेष पिछड़ी जनजातियों के जीवन स्तर और औसत आयु में सुधार लाना है। इस दौरान बैगा छात्रा हेमकुमारी ने बताया कि उसने 12वीं कक्षा में 88 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं और वर्तमान में नीट की तैयारी कर रही है। वहीं गायत्री मोरावी ने बीएससी नर्सिंग करने की इच्छा जताई। शिक्षा दूत के रूप में कार्य कर रहे नितेश बैगा ने बताया कि वे बैगा बच्चों को नियमित रूप से स्कूल आने और पढ़ाई के लिए प्रेरित करते हैं।

राज्यपाल ने कहा कि शासन द्वारा पीएम आवास, आयुष्मान कार्ड सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने लखपति दीदियों से उनके कार्यों और आय के स्रोतों के बारे में जानकारी ली। जय लक्ष्मी स्वच्छता समूह से जुड़ी रजतिन मरावी ने बताया कि वे बांस से सूपा, टोकरी जैसे विभिन्न सामग्री तैयार करती हैं, जिससे उन्हें एक लाख रुपये तक की आय हुई है। वहीं सुखिया बैगा ने बताया कि वे सूकर पालन का कार्य कर रही हैं और इससे एक लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित कर चुकी हैं।

राज्यपाल डेका ने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़ी बैगा महिलाओं से भी मुलाकात की और उनके आत्मनिर्भरता की दिशा में किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने महिलाओं की कहानियां सुनते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जनमन योजना का मुख्य उद्देश्य विशेष पिछड़ी जनजातियों की संस्कृति को संरक्षित रखते हुए उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।

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