
रायपुर, 23 जून (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के कसडोल थाना अंतर्गत खर्वे गांव में 4 महीनों में 8 लोगों की हत्या करने वाले गांव के ही रामसहाय जायसवाल (46 वर्ष) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बलौदाबाजार के पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश शर्मा ने 8 लोगों की हत्या के मामले में आरोपित रामसहाय जायसवाल को गिरफ्तार कर उसे 'साइको किलर' बताया है, जो छोटी बातों पर गुस्से और पुरानी रंजिश के कारण सुहागा (बोरेक्स) मिलाकर हत्याएं करता था।
मामले का आज खुलासा करते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपित शराब में सुहागा (बोरेक्स पाउडर) मिलाकर ग्रामीणों को पिलाता था। गांव के ही रामसहाय जायसवाल (46वर्ष ) ने पुरानी रंजिश, गाली-गलौज, विवाद, कर्ज से छुटकारा पाने, पत्नी पर गलत नजर रखने और टोना-टोटका के शक के चलते लोगों को जहर मिलाकर शराब पिलाई।
संदिग्ध मौतों का सिलसिला 6 फरवरी 2026 को बद्री पटेल की मौत से शुरू हुआ। इसके बाद 20 फरवरी को बुढालू साहू की जान चली गई। 12 मार्च को बुधराम जायसवाल, 20 मार्च को छत्तूराम साहू और 31 मार्च को विनोद साहू की मौत हो गई। इसके बाद 28 अप्रैल को गजानंद मांझी और 29 अप्रैल को चैतूराम साहू की मौत हो गई। आखिरी मौत 14 मई को महेतरू साहू की हुई। यह सिलसिलेवार हत्याएं फरवरी से मई के बीच हुईं। संदेह के आधार पर 6 जून को ग्रामीणों ने कसडोल थाने में आवेदन देकर 8 मौतों की जांच की मांग की।
पुलिस ने 7 मृतकों के शवों को कब्र से निकलवाकर पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक जांच के लिए रायपुर भेजा। एक मृतक बुधराम का अंतिम संस्कार पहले ही किया जा चुका था। हाल ही में एक पीड़ित कार्तिक जहर पीने के बाद बच गया और उसने पुलिस को पूरी घटना बताई। कार्तिक ने बताया कि 14 अप्रैल को उसके दोस्त प्रमोद साहू ने उसे शराब दी थी। शराब पीते ही उसे उसका स्वाद कड़वा लगा। कुछ ही देर में उसके पेट में तेज दर्द शुरू हो गया, उल्टियां होने लगीं और वह बेहोश हो गया। बाद में प्रमोद ने ग्रामीणों को बताया कि यह शराब उसे रामसहाय जायसवाल ने दी थी। जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपित ने चूहा मारने के नाम पर सुहागा (बोरेक्स पाउडर) खरीदा था। तकनीकी साक्ष्यों और ग्रामीणों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने रामसहाय को हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरुआत में उसने आरोपों से इनकार किया, लेकिन बाद में कड़ाई से पूछताछ करने पर अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
अधिकारियों ने आज एक पत्रकार वार्ता में बताया कि आरोपित ने हत्या करने के लिए चूहा मारने वाले जहर (सुहागा/बोरेक्स पाउडर) का इस्तेमाल किया था, जिसे पहले उसने एक कुत्ते पर टेस्ट किया था। इसके बाद, वह लोगों को शराब में यह जहर मिलाकर पिला देता था। आरोपित किसी को उस पर शक न हो, इसलिए वह पीड़ित परिवारों की मदद करता था और अंतिम संस्कार में भी शामिल होता था। अंधविश्वास के चलते कुछ ग्रामीणों का यह भी मानना था कि खजाने (गड़े धन) की चाहत में 21 लोगों की बलि देने का प्लान था, हालांकि पुलिस जांच में केवल आपसी रंजिश और बदले की भावना का ही एंगल सामने आया है। रामसहाय खर्वे गांव में किराना दुकान चलाता था।

