रामसर साईट बनने की पूरी क्षमता और अर्हता रखता है वेटलैंड: डीएफओ
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- Jan 21, 2026
भागलपुर, 21 जनवरी (हि.स.)। जिले के सोनवर्षा गंगा दियारा स्थित घटोरा वेटलैंड सहित बिहार के अन्य वेटलैंड में बिहार वन विभाग और बीएनएचएस के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित एशियाई जल पक्षी 2026 की गणना की शुरुआत शुरू हो गई है। भागलपुर वन विभाग के डीएफओ आशुतोष कुमार, वन विभाग के रेंज आफिसर कंपनी कुमार, बिहार एशियाई जल पक्षी गणना के कार्डिनेटर दीपक कुमार झुन्नू, कार्डिनेटर ज्ञान चंद ज्ञानी, गौरव सिन्हा, चंदन, कबीर और वत्स निशान कृष्णन ने घटोरा वेटलैंड में पक्षियों की गणना को पहुंचे थे।
उन्हाेंने बताया कि घटोरा वेटलैंड रामसर साईट बनने की पूरी क्षमता और अर्हता रखता है। यहां अबतक के गणना में 72 प्रजाति के दस हजार से अधिक पक्षियों का आकलन किया गया। जिसमें 70 फीसदी प्रवासी और 30 फीसद ही देसी पक्षी थे। जो अब तक का सर्वाधिक पक्षियों का रिकार्ड है। डीएफओ आशुतोष ने कहा कि मध्य एशियाई देश, यूरोप, मंगोलिया, चीन, लेह-लद्दाख आदि क्षेत्र से आने वाले ये पक्षियां बड़ी संख्या में घटोरा वेटलैंड में शीतकालीन प्रवास करते है।
बिहार एशियाई जल पक्षी गणना के कार्डिनेटर दीपक कुमार झुन्नू ने बताया कि यहां प्रवासी पक्षियों में सबसे अधिक बत्तख प्रजाति के लालसर, सिंकपर, चैता, छोटा लालसर, चकवा, राजहंस, कलहंस तथा कुसिया चाहा तथा अन्य पक्षियों में घोंघिल, विभिन्न प्रकार के बगुले, हेरोन, सैंडपाइपर, स्टोनचैट, जलमुर्गी, मुनिया, नीलकंठी, ग्रासबर्ड इत्यादि पक्षियों की संख्या उम्मीद से अधिक दिखी।
पर्यावरणविद सह एशियाई जल पक्षी गणना के कॉर्डिनेटर बताते हैं कि घटोरा वेटलैंड की भौगोलिक स्थिति, शांत वातावरण, सुरक्षि जलीय आवास, प्रचुर जलीय और वनस्पति भोजन की उपलब्धता प्रवासी और देसी पक्षिय को आकर्षित करता है। घटोरा को रामसर साईट बनाने की मांग करते हुए सोनवर्षा मुखिया नीनारानी और अजय उर्फ लाली कुंवर ने कहा कि यह वेटलैंड नवंबर से अप्रैल महिने तक देसी और प्रवासी पक्षियों के कलरव से गुंजायमान रहता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर



