आवाज का नमूना देने के मामले में अभिषेक बनर्जी को हाई कोर्ट से तत्काल राहत नहीं
- DSS Admin
- Jul 03, 2026
कोलकाता, 03 जुलाई (हि.स.)। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं डायमंड हार्बर से लाेकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी को उनकी आवाज का नमूना लेने के मामले में शुक्रवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय से तत्काल राहत नहीं मिली। न्यायालय ने मामले की तत्काल सुनवाई की उनकी मांग खारिज करते हुए स्पष्ट कर दिया कि मंगलवार से पहले इस मामले पर कोई सुनवाई नहीं होगी। अदालत ने निर्देश दिया कि अभिषेक को मंगलवार को दोबारा पीठ का ध्यान इस मामले की ओर आकर्षित करना होगा, जिसके बाद शीघ्र सुनवाई के अनुरोध पर विचार किया जाएगा।
शुक्रवार को अभिषेक बनर्जी के अधिवक्ता सब्यसाची बंद्योपाध्याय और अयन भट्टाचार्य ने न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की पीठ के समक्ष तत्काल सुनवाई की मांग रखी। उन्होंने दलील दी कि पहले की पीठ इस मामले में सुनवाई का संकेत दे चुकी है, इसलिए मामले की शीघ्र सुनवाई आवश्यक है। हालांकि, न्यायमूर्ति ने स्पष्ट किया कि मंगलवार से पहले किसी भी अर्जी पर सुनवाई संभव नहीं है।
यह मामला विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान अभिषेक बनर्जी द्वारा कथित तौर पर दिए गए डीजे बजाने संबंधी बयान से जुड़ा है। इस बयान को लेकर उनके खिलाफ भड़काऊ टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया था। मामले की जांच राज्य पुलिस का अपराध जांच विभाग कर रहा है। जांच एजेंसी का कहना है कि जांच को आगे बढ़ाने के लिए अभिषेक बनर्जी की आवाज का नमूना आवश्यक है।
इसी मांग को लेकर अपराध जांच विभाग ने विधाननगर अदालत में आवेदन किया था। अदालत ने 30 जून को अभिषेक बनर्जी की आवाज का नमूना लेने की अनुमति दे दी थी। हालांकि, निर्धारित तिथि पर अभिषेक अदालत में उपस्थित नहीं हुए और उन्होंने इस आदेश को कलकत्ता उच्च न्यायालय में चुनौती दी।
उच्च न्यायालय में दायर याचिका में अभिषेक बनर्जी ने तर्क दिया कि उन्होंने कभी इस बात से इनकार नहीं किया कि संबंधित ऑडियो में आवाज उनकी ही है। ऐसे में जब आवाज की पहचान को लेकर कोई विवाद नहीं है, तो फिर आवाज का नमूना लेने की आवश्यकता नहीं है।
इससे पहले इस मामले में न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की पीठ के समक्ष भी शीघ्र सुनवाई की मांग की गई थी। उस समय न्यायालय ने यह कहते हुए तत्काल हस्तक्षेप से इनकार कर दिया था कि जांच एजेंसी को किस प्रकार की जांच करनी है और किन साक्ष्यों की आवश्यकता है, यह तय करना अदालत का काम नहीं है। न्यायालय ने कहा था कि मुख्य मामला जिस पीठ के समक्ष लंबित है, उसी के समक्ष अभिषेक अपनी याचिका पर सुनवाई करा सकते हैं।
अब इस मामले में अगली महत्वपूर्ण सुनवाई मंगलवार को संभावित है। वहीं, 8 जुलाई को विधाननगर अदालत ने अभिषेक बनर्जी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है। अदालत के आदेश के अनुसार, उसी दिन मजिस्ट्रेट और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मौजूदगी में अपराध जांच विभाग द्वारा उनके आवाज के नमूने लिए जाने की प्रक्रिया पूरी की जानी है। ऐसे में मंगलवार को उच्च न्यायालय में होने वाली संभावित सुनवाई इस मामले की आगे की कानूनी दिशा तय करने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।-------------

