वर्षों से बन्द महिला मरीज का खोला मुंह

जोधपुर, 17 जून (हि.स.)। डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज से संबद्ध एमडीएम अस्पताल के ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग ने एक जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देकर युवा महिला मरीज को नई जिंदगी दी है।

मरीज लंबे समय से टेम्पोरोमैंडिबुलर जॉइंट एंकिलोसिस नामक गंभीर बीमारी से पीडि़त थी, जिसके कारण उसका जबड़ा लगभग पूरी तरह जकड़ गया था और मुंह केवल कुछ मिलीमीटर तक ही खुल पाता था। इससे उसे भोजन करने में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

एमडीएम अस्पताल के दन्त विभाग द्वारा किए गए 3डी सीटी स्कैन में जबड़े के जोड़ में हड्डी के जुड़ जाने (बोनी एंकिलोसिस) की पुष्टि हुई। इसके बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने गैप/इंटरपोजिशनल आर्थ्रोप्लास्टी सर्जरी कर जबड़े को मुक्त किया। सर्जरी के दौरान ही मरीज के मुंह का खुलाव सामान्य स्तर तक बहाल हो गया। वर्तमान में मरीज तेजी से स्वस्थ हो रही है और सामान्य भोजन करना शुरू कर चुकी है। इस उपलब्धि की खास बात यह रही कि यह जटिल सर्जरी डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज में पूरी तरह स्वतंत्र रूप से की गई तथा मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (एमएए) योजना के तहत मरीज को निशुल्क उपचार उपलब्ध कराया गया।

निजी अस्पतालों में इस प्रकार की सर्जरी काफी महंगी होती है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए उपचार कठिन हो जाता है।

ऑपरेशन टीम में यह रहे शामिल

सर्जरी टीम में दन्त विभाग के डॉ. चंद्रशेखर चट्टोपाध्याय, डॉ. चारू चौहान, डॉ. ममता पटेल, डॉ. आयुष, डॉ. सुगंधा जैन, डॉ. अविनाश, डॉ. नेहा, डॉ. जोगाराम और डॉ. निखिल शामिल रहे। एनेस्थीसिया टीम में डॉ. प्रमिला सोनी और डॉ. राकेश कावड़ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विभागाध्यक्ष डॉ. विकास देव, एमडीएम अस्पताल अधीक्षक डॉ. विकास राजपुरोहित तथा डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ. बीएस जोधा ने टीम को बधाई देते हुए इसे सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

   

सम्बंधित खबर