किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस किसान प्रकोष्ठ का प्रदर्शन, प्रशासन को सौंपा 18 सूत्रीय मांगपत्र
- Neha Gupta
- Jun 09, 2026

जम्मू, 09 जून । जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जेकेपीसीसी) किसान कांग्रेस के अध्यक्ष भारत प्रिय ने मंगलवार को किसानों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर संभागीय आयुक्त जम्मू कार्यालय में अतिरिक्त आयुक्त को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। किसान कांग्रेस की ओर से प्रस्तुत इस ज्ञापन में किसानों के समक्ष मौजूद आर्थिक, प्राकृतिक और संरचनात्मक चुनौतियों के समाधान के लिए 18 सूत्रीय मांगपत्र शामिल किया गया।
भारत प्रिय ने कहा कि कृषि जम्मू-कश्मीर की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और बड़ी आबादी की आजीविका का मुख्य आधार है। उन्होंने कहा कि खेती की बढ़ती लागत, मौसम की अनिश्चितता, भूमि जोतों का सिकुड़ना तथा बाजार संबंधी समस्याओं ने किसानों की आर्थिक स्थिति को कमजोर कर दिया है जिसके लिए सरकार के तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता है।
ज्ञापन में कृषि सिंचाई पंपों और ट्यूबवेलों पर बिजली शुल्क पूरी तरह माफ करने, नकली एवं घटिया बीज, उर्वरक और कीटनाशकों की बिक्री पर सख्त कार्रवाई करने तथा किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की गई। इसके अलावा फसल सीजन के दौरान यूरिया, डीएपी और अन्य आवश्यक उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
किसान कांग्रेस ने खेती से जुड़े बढ़ते खर्चों को कम करने के लिए डीजल पर सब्सिडी देने की मांग भी उठाई। अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा से सटे क्षेत्रों के किसानों की समस्याओं का उल्लेख करते हुए ज्ञापन में बाड़बंदी और सुरक्षा प्रतिबंधों के कारण प्रभावित भूमि के लिए बाजार मूल्य से चार गुना मुआवजा तथा गोलाबारी प्रभावित किसानों के लिए विशेष राहत पैकेज की मांग की गई।
भारत प्रिय ने प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को देखते हुए प्रभावी और किसान हितैषी फसल बीमा योजना लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी, प्रभावी खरीद केंद्रों की स्थापना, कृषि ऋणों पर ब्याज माफी और कर्ज पुनर्गठन की मांग भी रखी गई। ज्ञापन में सिंचाई नहरों के आधुनिकीकरण, जंगली जानवरों से फसल नुकसान पर मुआवजा, कृषि मजदूरों के लिए सामाजिक सुरक्षा, कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउसिंग सुविधाओं का विस्तार, बागवानी को बढ़ावा, पीएम-किसान लाभों की समयबद्ध रिहाई तथा प्रत्येक तहसील में किसान सुविधा केंद्र स्थापित करने की मांग भी शामिल है।

