डिजिटल तकनीक समाज और राष्ट्र को नई दिशा दे सकती है : प्रो. भरत राज सिंह

लखनऊ, 17 मई (हि.स.)। डिजिटल तकनीकों का प्रभावी और सुरक्षित उपयोग वर्तमान समय की आवश्यकता है। सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के माध्यम से समाज और राष्ट्र को नई दिशा प्रदान की जा सकती है। यह बातें रविवार को प्रो. (डॉ.) भरत राज सिंह ने ‘विश्व दूरसंचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी दिवस’ पर आयोजित व्याख्यान कार्यक्रम में कही।

द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), उत्तर प्रदेश राज्य केंद्र, लखनऊ द्वारा रिवर बैंक कॉलोनी स्थित केंद्र परिसर में ‘विश्व दूरसंचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी दिवस’ के अवसर पर व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस वर्ष का विषय “डिजिटल लाइफलाइन्स : स्ट्रेंथनिंग रेज़िलिएंस इन अ कनेक्टेड वर्ल्ड” रखा गया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता बाबू बनारसी दास नॉर्दर्न इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के असिस्टेंट प्रोफेसर मयूर श्रीवास्तव ने डिजिटल कनेक्टिविटी के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल नेटवर्क शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन और उद्योगों की प्रमुख जीवनरेखा बन चुके हैं। आपदा और संकट की परिस्थितियों में इनकी भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।

उन्होंने देश की प्रगति के लिए साइबर सुरक्षा और मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्लाउड कंप्यूटिंग, स्मार्ट नेटवर्किंग और उन्नत डिजिटल अवसंरचना जैसी भविष्य की तकनीकें वैश्विक तकनीकी विकास और सामाजिक सशक्तीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. (डॉ.) भरत राज सिंह, पूर्व चेयरमैन, आईईआई उत्तर प्रदेश राज्य केंद्र, लखनऊ ने की। उन्होंने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि संस्था भविष्य में भी ऐसे ज्ञानवर्धक और तकनीकी कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर करती रहेगी।कार्यक्रम के दौरान मानद सचिव एवं संयोजक इं. नरेंद्र कुमार निषाद ने मुख्य वक्ता का परिचय प्रस्तुत किया तथा कार्यक्रम के अंत में अभियंताओं, शिक्षाविदों, विद्यार्थियों और अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

इस अवसर पर इंजी. जी.पी. सिंह, डॉ. आर.के. गुप्ता, डॉ. एस.के. अग्रवाल, बंसल इंस्टिट्यूट के निदेशक इंजी. गोयल, इंजी. ओ.पी. श्रीवास्तव सहित अनेक विशेषज्ञ और पदाधिकारी मौजूद रहे।

   

सम्बंधित खबर