देवभूमि अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल: रवि दीप की व्हेन सोल्स मीट को मिला सर्वश्रेष्ठ क्षेत्रीय फीचर फिल्म अवॉर्ड

मंडी, 05 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी और छोटी काशी के नाम से प्रख्यात मंडी के संस्कृति सदन में तीन दिवसीय देवभूमि अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल का रविवार को शानदार और विधिवत समापन हो गया। इस गरिमामयी समापन समारोह में उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि नगर निगम मंडी की मेयर सुमन ठाकुर और नगर निगम आयुक्त रोहित राठौर विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे।

उपायुक्त अपूर्व देवगन ने इस फिल्म फेस्टिवल के आयोजन को पहाड़ी प्रदेश हिमाचल के लिए मील का पत्थर बताते हुए कहा कि हिंदी सिनेमा के मंझे हुए कलाकारों की उपस्थिति ने यहां की शान बढ़ाई है। उन्होंने यहां दिखाई गई फिल्म अनरीजोवल्ड और रेट रेस देखकर कहा कि ऐसी शिक्षाप्रद फिल्में ही समाज को सही दिशा और मार्गदर्शन देती है। ये पारिवारिक फिल्में देखने लायक थी।

फेस्टिवल डायरेक्टर पवन शर्मा ने आयोजन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि इस तीन दिवसीय उत्सव में हिंदी और क्षेत्रीय सिनेमा की कुल 25 बेहतरीन शॉर्ट फिल्मों, डॉक्यूमेंट्रीज और फीचर फिल्मों को प्रदर्शित किया गया, जिन्हें देखने के लिए स्थानीय लोगों और सिनेमा प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। समारोह के मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे अवार्ड वितरण समारोह में विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं और उत्कृष्ट सिनेमाई प्रतिभाओं को मुख्य अतिथियों द्वारा ट्रॉफी तथा सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया।

मुख्य श्रेणियों के तहत निर्देशक रवि दीप की फिल्म 'व्हेन सोल्स मीट' को सर्वश्रेष्ठ क्षेत्रीय फीचर फिल्म के प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाजा गया, वहीं ऋत्विक जायसवाल द्वारा निर्देशित 'ब्रिज टू यूटोपिया' ने क्रिटिक्स चॉइस में सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का खिताब अपने नाम किया। अभिनय और निर्देशन के क्षेत्र में फिल्म 'मसंद' का दबदबा रहा, जिसमें शानदार अभिनय के लिए रब्बी कंदोला को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (फीचर फिल्म) चुना गया और इसी फिल्म के लिए संजय शांति गुप्ता को बेस्ट फीचर फिल्म डायरेक्टर का पुरस्कार मिला, जबकि विक्रांत सिद्धू के निर्देशन में बनी 'मसंद' को ओवरऑल सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म घोषित किया गया।

लेखन के क्षेत्र में विद्यासागर अध्यापक को फिल्म 'सुधागढ़ 07' के लिए बेस्ट राइटर का अवॉर्ड दिया गया, जबकि विशेष जूरी पुरस्कार श्रेणी में नम्रता सिन्हा द्वारा निर्मित फिल्म 'सकाल तर होऊ द्या' को चुना गया और महेश वाघमारे को जूरी मेंशन के तहत सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सम्मान मिला। डॉक्यूमेंट्री सेक्शन में क्षितिज शर्मा निर्देशित 'आना जाना' ने सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री फिल्म (जूरी मेंशन) का खिताब जीता, जबकि पर्यावरण को समर्पित डॉक्यूमेंट्री श्रेणी में देवेंद्र शिवाजी जाधव निर्देशित 'प्योर वॉटर फॉर एवरी हाउस- हर घर शुद्ध जल' को बेस्ट एनवायरनमेंटल डॉक्यूमेंट्री चुना गया।

शॉर्ट फिल्म और अन्य श्रेणियों में भी कड़ा मुकाबला देखने को मिला, जिसमें अजय सूरी निर्देशित 'द डिवाइन मदर' को सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री (शॉर्ट फिल्म) और संजय मैथ्यू को 'रेड - द कलर ऑफ साइलेंस' के लिए बेस्ट डायरेक्टर (शॉर्ट फिल्म) का सम्मान मिला। वीना महाजन अभिनीत फिल्म 'खरा मोदक' को सर्वश्रेष्ठ महिला फिल्म निर्माता का पुरस्कार दिया गया।

अभिनय वर्ग में 'द फॉरबिडन कार्ड' के लिए तन्मय दीप सिंह को जूरी मेंशन और 'जोकर' के लिए माहिन वैद्य को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला। इसी तरह रवीश मृगेंद्र की 'हिमालय की वेदना' को सर्वश्रेष्ठ हिमालयन फिल्म, यश मानसिंह की 'हिकी को मोरी' को सर्वश्रेष्ठ शॉर्ट फिल्म जूरी मेंशन, सतीश सूद की 'एक थी पृथ्वी - देयर स्टुड द अर्थ' को सर्वश्रेष्ठ पर्यावरण शॉर्ट फिल्म, और मार्शल मनकोटिया हेमंत शर्मा की 'यस, यू' को बेस्ट सोशल इम्पैक्ट शॉर्ट फिल्म चुना गया। इसके अतिरिक्त अंशुल कुमार निर्देशित 'इयर 2050' को फेस्टिवल एप्रिसिएशन अवॉर्ड और अभ्युदय शर्मा की 'विनिमय' को जूरी एप्रिसिएशन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया, जबकि तन्मय दीप सिंह की 'द गार्डन ऑफ लाइज', अनिल कुमार आनंद की 'गिर्द (द डेली ब्रेड)' और मार्शल मनकोटिया हेमंत शर्मा की 'बर्थडे केक' ने विशेष जूरी मेंशन में अपनी अमिट छाप छोड़ी।

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