कोमल यादव को सौंपा मैरिज रजिस्ट्रार का अतिरिक्त चार्ज

जयपुर, 03 जुलाई (हि.स.)। आर्य समाज मंदिर में होने वाली शादियों के रजिस्ट्रेशन करने के मामले में गुरुवार को मैरिज रजिस्ट्रार विक्रम सिंह और कर्मचारी राकेश चौधरी को 12,500 रुपए की रिश्वत लेते एसीबी ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया। निगम ने शुक्रवार को एक आदेश जारी कोमल यादव को मैरिज रजिस्ट्रार का अतिरिक्त चार्ज दिया है।

गौरतलब है कि प्रताप नगर स्थित आर्य समाज मंदिर के प्रधान ने कोटा चौकी में शिकायत दी थी। इसमें बताया कि मंदिर में गरीब और दहेज-रहित विवाह कराए जाते हैं। विवाह के बाद नगर निगम में रजिस्ट्रेशन कराया जाता है। इसके लिए निगम की निर्धारित फीस 110 रुपए है, लेकिन आरोपी प्रति विवाह 2500 से 3000 रुपए तक मांग रहे थे। सत्यापन में शिकायत सही पाई गई। गुरुवार को आरोपियों ने परिवादी को रिश्वत लेकर नगर निगम कार्यालय बुलाया। डीआईजी ओम प्रकाश मीणा के सुपरविजन में एसीबी टीम ने दोनों को 12,500 रुपए लेते पकड़ लिया। तलाशी में कर्मचारी राकेश चौधरी के पास 38 हजार रुपए अतिरिक्त मिले, जिन्हें जब्त किया गया है। एसीबी ने आर्य समाज मंदिर में शादियों और निगम कार्यालय में दर्ज विवाहों का रिकॉर्ड जब्त किया है। जांच की जा रही है कि आरोपी रोजाना कितनी वसूली करते थे और इस रकम का बंटवारा किन-किन में होता था। दोनों आरोपी लंबे समय से मैरिज रजिस्ट्रार कार्यालय में तैनात थे। नगर निगम में भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी की लगातार कार्रवाई ने वर्षों से डेपुटेशन पर जमे अधिकारियों और उनकी भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और विवाह पंजीयन रजिस्ट्रार विक्रम सिंह पिछले छह साल से डेपुटेशन पर काम कर रहा है। 17 जून 2020 को हेरिटेज निगम में आए विक्रम का कार्यकाल चार साल पहले ही पूरा हो चुका है, लेकिन मूल विभाग सांख्यिकी में वापस नहीं भेजा गया। पांच साल तक हेरिटेज में जन्म-मृत्यु और विवाह पंजीयन रजिस्ट्रार रहने के साथ तत्कालीन आयुक्त के ओएसडी भी रहा। डीएलबी तक शिकायत पहुंची तो ग्रेटर निगम में पदस्थापित कर दिया गया। यहां भी जन्म-मृत्यु और विवाह पंजीयन रजिस्ट्रार की जिम्मेदारी ले ली। करीब डेढ़ साल से इसी पद पर काम कर रहा है।

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