मुख्यमंत्री धामी ने तीन साल की गिनाई प्राथमिकतांए, बोले-भ्रष्टाचार, अतिक्रमण और अवैध कब्जों पर जारी रहेगा प्रहार

-महत्वपूर्ण मुद्दों को हमने कभी ठंडे बस्ते में नहीं डालाः मुख्यमंत्री

देहरादून, 22 मार्च (हि.स)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को पिछले तीन वर्षों के उपलब्धियों को साझा करते हुए भविष्य के लिए अपनी प्राथमिकताओं को गिनाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के संकल्प में उत्तराखंड का भूमिका अग्रणी रहेगी। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार,अतिक्रमण और अवैध कब्जों पर सरकार का प्रहार आगे भी जारी रहेगा।

सीएम आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के अवसर पर पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 में जनता ने मिथक को तोड़कर भाजपा सरकार के विकास पर मुहर लगाई।

उन्होंने कहा कि तीन वर्ष में सरकार के सामने कई तरह की चुनौतियां आईं,लेकिन सरकार ने राज्यहित में धरातल पर जाकर उसका सामना किया। रैणी, सिलक्यारा, केदार घाटी से लेकर हालिया माणा की आपदा का जिक्र करते हुए कहा कि संकट के समय पीछे रहकर काम नहीं किया जाता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 में जिस विकसित भारत का संकल्प लिया है, उसमें अपनी भूमिका निभाने के लिए उत्तराखंड पूरी सार्मथ्य से काम कर रहा है। उन्होंने कनेक्टिविटी के विस्तार की बात करते हुए कई उदाहरण दिए और कहा कि उत्तराखंड अपनी क्षमताओं का आंकलन करते हुए इसी अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में अवैध निर्माण, कब्जों, अतिक्रमण केे खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। भ्रष्टाचार पर और सख्त प्रहार किए जाएंगे।

यूसीसी, भू-कानून, नकल विरोधी जैसे कानूनों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार महत्वपूर्ण मसलों को ठंडे बस्ते में डालने में यकीन नहीं करती। इसलिए प्रमुख मुद्दों पर फैसले किए गए हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए 30 फीसदी आरक्षण समेत लखपति दीदी जैसी योजनाओं के क्रियान्वयन से मातृ शक्ति के कल्याण के लिए ठोस कदम आगे बढ़ाए गए हैं। आंदोलनकारियों के लिए दस फीसदी क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था की गई है। प्रवासी उत्तराखण्डियों के सम्मेलन के माध्यम से प्रवासियों को राज्य के साथ जोड़ा गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रति व्यक्ति आय के मामले में राज्य का पूरे देश में 13 वां स्थान पर आना सुखद संकेत है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट हो या जी-20 बैठकों का आयोजन उत्तराखंड को इन आयोजनों से दूरगामी लाभ मिला है। सतत विकास लक्ष्यों के इंडेक्स में देश में पहला स्थान महत्वपूर्ण उपलब्धि रहा है।

उन्होंने कहा कि रजत जयंती वर्ष में राज्य का सालाना बजट एक लाख करोड़ को पार कर जाना बताता है कि चुनौतियों के बावजूद हम सही राह पर आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2027 में कुंभ और इसके बाद नंदा राजजात का भी जिक्र करते हुए कहा कि सरकार इसके लिए तैयारी कर रही है।

उन्होंने राष्ट्रीय खेलो के आयोजन से जुड़ी सफलता की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने चारधाम यात्रा, शीतकालीन यात्रा समेेत राज्य के कई स्थानों पर पहुंचकर पर्यटन विकास में अभूतपूर्व योगदान किया।

इस मौके पर विधायक खजान दास, महंत दिलीप रावत, राजकुमार पोरी और महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी उपस्थित थे।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार

   

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