पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाने के लिए मिले महत्वपूर्ण सुझाव : अरुण चतुर्वेदी
- DSS Admin
- Jun 16, 2026
जयपुर, 16 जून (हि.स.)। सप्तम राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी की अध्यक्षता में मंगलवार को पंचायती राज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पंचायती राज संस्थाओं की वित्तीय आवश्यकताओं और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
संवाद के दौरान जनप्रतिनिधियों ने नई जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ग्राम पंचायतों को वित्तीय आवंटन करने, राज्य वित्त आयोग के अनुदान वितरण की प्रक्रिया में बदलाव, ग्राम पंचायतों में सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने, सोलर ऊर्जा आधारित स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को बढ़ावा देने तथा आधारभूत ढांचे के रखरखाव के लिए पृथक अनुदान की व्यवस्था करने के सुझाव दिए।
इसके अलावा स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों में फंड के उपयोग की अनुमति, माध्यमिक विद्यालयों को भी वित्तीय सहायता देने, अतिक्रमण रोकने के लिए प्रभावी प्रवर्तन एजेंसी गठित करने और खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
मीडिया से बातचीत में अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए सुझाव स्थानीय अनुभवों पर आधारित हैं और आयोग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। प्राप्त सभी सुझावों का गंभीरता से परीक्षण कर उन्हें आयोग की अनुशंसाओं में शामिल करने पर विचार किया जाएगा, ताकि पंचायती राज संस्थाओं को अधिक सशक्त और सक्षम बनाया जा सके।
इससे पूर्व सदस्य सचिव नरेश कुमार ठकराल ने आयोग के कार्य एवं दायित्वों की जानकारी दी, जबकि डॉ. जोगाराम ने स्वागत उद्बोधन देते हुए पंचायती राज संस्थाओं में राज्य वित्त आयोग की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में पंचायती राज विभाग के अधिकारी, विभिन्न पंचायतों के जनप्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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