लक्खी भंडार योजना में 30 लाख फर्जी खातों का दावा, जांच के लिए एसआईटी गठन के निर्देश
- DSS Admin
- Jun 01, 2026
कोलकाता, 01 जून (हि.स.)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को दावा किया कि पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार की लक्ष्मी भंडार योजना में करीब 30 लाख फर्जी खाते बनाए गए थे। उन्होंने इस मामले की जांच के लिए राज्य के पुलिस महानिदेशक को विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का निर्देश दिया है।
नबान्न में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में अवैध रूप से धन का हस्तांतरण हुआ है, इसलिए धन शोधन के पहलुओं की भी जांच कराई जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं के लिए शुरू की गई इस योजना का लाभ कई पुरुषों ने भी फर्जी दावों के जरिए उठाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रारंभिक जांच में बड़ी संख्या में अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। उनके अनुसार, कुछ पुरुषों को महिलाओं के नाम पर योजना का लाभ लेने के आरोप में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जमीनी स्तर तक फैली इन कथित अनियमितताओं को समाप्त करने के लिए कड़े कदम उठाएगी।
अधिकारी ने अन्नपूर्णा भंडार योजना के लिए जारी किए गए 12 पृष्ठों के सत्यापन प्रपत्र का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि जो लोग नई भाजपा सरकार की इस योजना की आवेदन प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें लक्ष्मी भंडार योजना में सामने आई गड़बड़ियों को भी ध्यान में रखना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अन्नपूर्णा भंडार योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रति माह 3000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में महिला लाभार्थियों के खातों में इस योजना की पहली किश्त बुधवार को जारी की जाएगी। आवेदन फार्म के जटिल होने से संबंधित पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि एक भी गैर भारतीय और अपात्र लोगों के खाते में पैसा नहीं जाए इसके लिए यह व्यवस्था की गई है।

