डायमंड हार्बर एफसी के फंडिंग स्रोतों की जांच : निशीथ प्रामाणिक

कोलकाता, 05 जून (हि. स.)। पश्चिम बंगाल के खेल मंत्री निशीथ प्रामाणिक ने कहा है कि डायमंड हार्बर एफसी को लेकर मिली विभिन्न शिकायतों की जांच शुरू कर दी गई है। हाल ही में आई-लीग जीतकर क्लब ने आईएसएल में खेलने की योग्यता हासिल की है।

शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में मंत्री ने कहा कि क्लब के गठन, उसके वित्तीय स्रोतों और खर्च के तरीके को लेकर कई शिकायतें मिली हैं। इन सभी मामलों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह देखा जाएगा कि क्लब का संचालन नियमों के अनुसार हो रहा है या नहीं।

मंत्री ने बताया कि जरूरत पड़ने पर क्लब के प्रायोजकों (स्पॉन्सर्स) से भी पूछताछ की जा सकती है। क्लब को मिलने वाली धनराशि कहां से आ रही है और उसका उपयोग किस तरह किया जा रहा है, इसकी भी जांच होगी।

उन्होंने दावा किया कि जिस मैदान में डायमंड हार्बर एफसी अभ्यास करता था, वहां अवैध कब्जे की शिकायत थी। प्रशासन ने उस स्थान को कब्जामुक्त करा दिया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

खेल मंत्री ने कहा कि राज्य खेल विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और इस संबंध में इंडियन फुटबॉल एसोसिएशन (आईएफए) के साथ भी चर्चा चल रही है। जल्द ही इस मामले में कोई निर्णय लिया जा सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि क्लब से जुड़े कुछ फुटबॉलरों के सरकारी नौकरी में होने को लेकर भी सवाल उठे हैं, जिसकी जांच की जा रही है। मंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि सभी क्लब अच्छा प्रदर्शन करें और आगे बढ़ें, लेकिन किसी भी तरह की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

हालांकि, इन आरोपों पर खबर लिखे जाने तक डायमंड हार्बर एफसी या क्लब प्रबंधन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। वहीं, बंगाल फुटबॉल अकादमी से जुड़े सवाल पर मंत्री ने कहा कि उस मामले की भी जांच जारी है।

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